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तक्षशीला कॉम्प्लेक्स में मरनेवाले की संख्या 21, हिरासत में कोचिंग संचालक, अवैध रूप से ...

अभी जहां चुनाव के जश्न में डूबे नेताओं एवं उनके प्रशंसकों का खुमार उतरा भी नहीं था कि वहीं गुजरात से एक दिल दहलाने वाला घटना सामने आया। जिसमें एक, दो नहीं बल्कि 21 बच्चों के जान चले गये। इस घटना का जो दृश्य सामने आ रहा था, वह काफी रोंगटें खड़ा करनेवाला था। यह चार मंजिला इमारत पूरी तरह आग की लपटो में घिरा हुआ था। जिससे बचने के लिए बच्चे इधर-उधर भाग रहें थे। आग पर नियंत्रण करने के लिए दमकल की गाड़ियों को बुलाया गया। लेकिन जब ये गाड़ियां मौके वारदात पर आई तो इनके पास इतनी बड़ी सीढी नहीं थी, जिससे उन बच्चों को बचाया जा सके। वे बच्चे भी इस पूरे दृश्य को देख रहे थे, जब उन्होंने देखा कि जिसे हमने अपनी सुरक्षा के लिए बुलाया है वो खुद अपनी रोना रो रहे है। तो उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए उस चार मंजिला इमारतों से छलांग लगाना सारा कर दिया, जिसमें सिर्फ लड़के ही नहीं लड़किया भी कूद रही थीं। वो कैसा विभत्स दृश्य रहा होगा जब चारों तरफ आग के लपटों से घिरी बिल्डिंग से बच्चे कूद रहे थे। हालांकि इस घटना में 21 बच्चों समेत 1 शिक्षक की जान चली गई है। वहीं 3 बच्चों की हालत गंभीर है।

इस घटना के बाद राज्य सरकार ने पीड़ितो के परिवार को 4 लाख का मुआवजे का एलान किया गया है। वहीं बीजेपी नेता एवं पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर शोक जताया है। आपको बता दें कि यह घटना गुजरात के सूरत में स्थित तक्षशीला कॉम्प्लेक्स में हुई थी। जो रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में स्थित है। इस बिल्डिंग में एक कोचिंग संस्था भी चल रहीं थीं जिसमें वे बच्चे पढ़ रहे थे। हालांकि इस घटना के बाद 24 जुलाई तक रिहायशी और कॉमर्शियल इलाकें में स्थित कोचिंग बंद करने का फैसला किया गया है।

 

इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है, जिसमें हरसुल वेकरिया उर्फ एचके, जिज्ञेश सवजी पाघडाल और भार्गव बूटाणी के नाम शामिल हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि हरसुल और जिज्ञेश ने बिल्डर से पूरी मंजिल खरीदी थी, उसके बाद उन्होंने अवैध निर्माण करवाया था। वहीं भार्गव बूटाणी इस अवैध निर्मित बिल्डिंग में ड्राइंग क्लासेस चला रहा था।

शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की वजह बिल्डिंग के नीचे लगे ट्रांसफॉर्मर को बताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो ये आग बिल्डिंग में लगे बैनर के कारण हुई थी, जो ट्रांसफॉर्मर के संपर्क में आ गया था। इस बैनर के संपर्क में आने के बाद बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लकड़ी की जो सीढ़ी थी, वो भी पूरी तरह जल गई। जिससे बच्चे वहां से निकल पाने कामयाब नहीं हो सके और वे प्रशासन के लपरवाही के भेट चढ गए।

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