Breaking News
  • सौदे की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में खारिज
  • राफेल की गुणवत्ता पर सवाल नहीं, कीमत जानना जरूरी नहीं : सीजेआई
  • राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
  • पर्थ टेस्ट: ऑस्ट्रेलिया ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला

गुजरात दंगा: HC का आया बड़ा फैसला, तीन को मिली 'रूह कंपाने' वाली सजा

अहमदाबाद: गुजरात के नरोदा पाटिया दंगे मामले पर हाईकोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया है। जिसमें नरोदा पाटिया दंगे के मामले में तीन लोगों की सजा एलान किया गया है।

बतादें कि साल 2002 में हुए गुजरात नरोदा पाटिया में हुए दंगा मामले में हाईकोर्ट ने तीन और आरोपियों को सजा सुनाई है। जिसमें बेंच ने मामले में तीन आरोपी पीजे राजपूत, राजकुमार चौमल और उमेश भरवाद को 10-10 साल की सजा सुनाई है। सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट के आये फैसले में तीण अन्य आरोपियों पर सजा का ऐलान किया गया है। गुजरात के इस नरोदा पाटिया दंगे में 97 लोगों की जान गयी रहीं। यहाँ 27 फ़रवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस की बोगियां जलाने के एक दिन बाद 28 फ़रवरी को दंगा भड़क गया था। गुजरात दंगे का सबसे गहरा असर नरोदा पाटिया में देखा गया था। यहाँ भडकी भीड़ और हिंसा में 97 लोगोंकी मौत हो गयी थी।

चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका: वरिष्ठ नेता ने दिया इस्तीफा, बनाई नई पार्टी

 

वहीँ इस मामले पार्ट सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की हर्षा देवानी और एस सुपेहिया की बेंच ने तीन आरोपी पीजे राजपूत, राजकुमार चौमल और उमेश भरवाद को 10-10 साल की सजा सुनाई है। इससे पहले नरोदा पाटिया में हुए दंगे एक मामले में बीजेपी की विधायक माया कोडनानी को बरी कर दिया गया था। इससे पहले इसी मामले में 2012 के एक फैसले में तीनों दोषियों- पीजी राजपूत, राजकुमार चौमल और उमेश भरवाद सहित 29 अन्य को एसआईटी की विशेष अदालत ने बरी कर दिया था। लेकिन बाद इस मामले में हाईकोर्ट में याचिकाएं लगाई गयी थीं।

JK के बाद बिहार में भी टूटा गठबंधन, JDU ने किया ऐलान!

मालूम हो कि साल 2002 के गुजरात दंगे के दर्ज 9 मामलों में नरोदा पाटिया में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ था। नरोदा पाटिया केस में बीजेपी की विधायक माया कोडनानी, बाबु बजरंगी सहित 32 लोगों पर दंगा भड़काने का आरोप लगा था। जिसमें माया कोडनानी को इसी साल कोर्ट ने बरी कर दिया था।

यह भी देखें-

loading...