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बाल 'दलित' के, काटे नाई ने पर दिक्कत दबंगों को हुई?

गांधीनगर: गुजरात में दलितों की पिटाई का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था? कि अब एक और अजीबोगरीब मामला सामने आया है। मेहसाना पुलिस को दी गयी शिकायत में बताया गया है कि एक नाई की सिर्फ इसलिए पिटाई कर दी गयी कि उसने दलितों के बाल काटे थे?  

बतादें कि गुजरात के मेहसाना जिले की पुलिस के अनुसार यहाँ एक नाई के साथ कथित रूप से मारपीट की गयी थी। कथित पीड़ित की मां मां जसिबेन भगवानदास ने सत्लसना पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया है कि उनका बेटा जिगर गांव में बाल काटने की दुकान चलाता है। रविवार को वह दुकान पर रोज की तरह ही बाल काटने का काम कर रहा तह इसी दौरान कुछ उच्च जाति गोविंद चौधरी, नानजी चौधरी, राजेश चौधरी और वसंत चौधरी ने उनके बेटे की इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि उसने दलितों के बाल काटे थे। वहीँ इस कथित तौर के पहले मामले में सब इंस्पेक्टर रतिलाल मकवाना ने बताया कि, पीड़ित की मां ने कथित तौर पर कहा कि उनके बेटे को करीब 10 दिनों पहले किसी भी दलित आदमी के बाल ना काटने की धमकी दी थी। लेकिन उसके बाद भी उनके बेटे जिगर ने उनकी बातों पर ध्यान न देते हुए बाल काटने जारी रखे।

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जिसके बाद उन्होंने, उनके बेटे के साथ मारपीट की है। वहीँ कथित आरोप लगने और मामले के दर्ज होने के बाद पुलिस की एक टीम जिले के सत्लसना तालुका में स्थित उमरेचा गांव जाकर मामले की तहकीकात की। जिसमें बहुत कुछ अजीब सामने आया है। दरअसल नाई से दलितों के बाल काटने को लेकर हुई मारपीट को लेकर सब इंस्पेक्टर रतिलाल मकवाना को गाँव के ही दलित समुदाय के लोगों से जानकारी ली तो समुदाय के लोगों ने कहा उन्हें मारपीट की कोई जानकारी नहीं है।

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साथ ही आज तक इस गांव के दलितों और अन्य जातियों क बीच कभी कोई विवाद नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस मामले को आपसी रंजिश के तौर पर भी देखकर जाँच कर रही है। आपको मालूम हो कि गुजरात में कथित रूप से दलितों पर हमले के अचानक मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन जाँच के बाद कई मामलों में एकाएक नया मोड़ भी आया है। पिछले समय घोड़े पर बैठे को लेकर एक दलित की हत्या के मामले की असल कारण पैसे का लेन देन सामने आया था। लेकिन उसे दलित द्वारा घोड़े पर बैठने के बाद हत्या से जोड़ कर बताया गया था। हालाँकि हत्या जघन्य अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए।  

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