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मोदी राज में गुजरात में हुआ 2140 करोड़ का गड़बड़झाला- अब हुआ खुुलासा

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से एक हैरान कर देना वाली खबर आई हैं। इससे पहले आपको बता दे कि साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी कई सालों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। लेकिन अब हाल ही में आई कैग की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है।

यह मामला राज्य में सरकारी धन के खर्च के इस्तेमाल में गड़बड़ी से जुड़ा है। बताया जाता है कि 2001 से लेकर साल 2015-16 के बीच करीब 2140 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कहां किया गया इस संबंध में सरकार के पास कोई पुख्ता प्रमाणपत्र ही नहीं है। हैरानी की बात है कि 16 सालों से 19 विभागों के कई खर्चों का हिसाब-किताब ही नहीं दिया।

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कैग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, खुलासा हुआ है कि 14.41 करोड़ के गबन के 158 मामलों में सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में वित्तीय नियम 1971 और जनरल फाइनेंशियल रूल्स 2005 के अनुसार, किसी भी स्पेशल स्कीम के तहत बजट जारी किया जाता है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने के अधिक से अधिक 12 महीने के भीतर उसका हिसाब-किताब कर प्रमाणपत्र शासन में जमा करना होता है, जिससे की यह पता चल सके कि धन का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

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नियमों के अनुसार जब तक कोई विभाग या सरकारी संस्थान जारी बजट का उपयोगिता प्रमाणपत्र नही देता है तब तक उसे दूसरा बजट जारी नहीं किया जाए लेकिन यहां तो विकास और बदलाव की आंधी में सारे कायदे कानून ही बदल चुके हैं। क्योंकि इस बात का सबूत अब तक किसी ने पेश नही किया है कि 2140 करोड़ रुपये कहां और कैसे खर्च किए गए।

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