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पिता चाहते थे वकील, बेटा बन गया सुरीली आवाज का जादूगर!

मुंबई: सुरीली आवाजा के सरताज मन्ना डे का आज जन्मदिन है। फिल्मी दुनिया में मन्ना दा के नाम से मशहूर हुए मन्ना डे को उनके जन्मदिन पर देश दुनिया के दिग्गज सितारों ने भी याद किया है। मन्ना दा के जन्मदिन पर आज उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बाते बता रहे हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे।

1 मई 1919, कोलकाता में महामाया व पूरन चन्द्र डे के यहाँ एक बच्चे का जन्म हुआ। परिवार ने परंपरा का ख्याल रखते हुए बच्चे को प्रबोध चन्द्र डे का नाम दिया। हर माता-पिता की तरह प्रबोध का पिता ने भी अपने बेटे के लिए कुछ सपने सजा रखे थे। पूरन चन्द्र अपने बेटे प्रबोध को वकील के काले कोट में देखना चाहते थे।

लेकिन प्रबोध को कुछ और ही पसंद था। वह अपने पिता और खुद के फैसले को लेकर काफी कन्फ्यूज भी हुए। लेकिन नियति को शायद यही मंजूर था, लिहाजा वो पिता की परवाह किए बिना चाचा कृष्ण चन्द्र डे की राह पर चलने की ठान ली। उन्होंने तय किया कि अब गायक ही बनेंगे।

अपने इस फैसले के साथ उन्होंने इन्दु बाबुर पाठशाला के बाद स्कॉटिश चर्च कॉलेज में दाखिला कराया और फिर ग्रैजुएशन के लिए विद्यासागर कॉलेज पहुंचे। पढ़ाई पूरी करने के बाद 40 के दशक में अपने चाचा के साथ वह  मुंबई पहुंचे और सपनों के नई उड़ान दी। अब प्रबोध की जिंदगी नई रहा पर थी और उन्हें एक नया नाम मन्ना डे भी मिला।

अपने फिल्मी सफर में मन्ना ने हिन्दी-बंगाली समेत अन्य कई भाषाओं में फिल्मी व गैर फिल्मी गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया।  साल 1942 से 2013 के बीच मन्ना दा ने करीब 3000 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी। संगित के क्षेत्र में उनके अतुलनिय योगदानों के लिए उन्हें कई विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया।

भारत सरकार ने 1971 में मन्ना डे को पद्म श्री से सम्मानित किया। साल 2005 में पद्म भूषण व 2007 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने जीवन के पचास वर्ष से ज्यादा समय मुम्बई में व्यतीत करने के बाद मन्ना डे जीवन के अंतिम समय में बंगलोर में जा बसे।

एक साल पहले ही कैंसर से पीड़ित उनकी जिवनसंगनी सुलोचना का निधन 18 जनवरी 2012 को हुआ और इसके कुछ समय बात ही 24 अक्टूबर 2013 को  मन्ना डे ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। मन्ना डे ने 18 दिसम्बर 1953 को केरल की सुलोचना कुमारन से शादी की थी। जिनकी दो बेटियां शुरोमा और सुमिता हैं।

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