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यूपी बोर्ड परीक्षा: रिजल्ट आने से पहले ही फेल हुए 10 लाख छात्र!

इलाहाबाद: यूपी बोर्ड परीक्षा में अब हालात बदतर होते जा रहे हैं। राज्य सरकार की सख्ती के कारण करीब 10 लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी है। इसी सप्ताह मंगलवार से शुरू हुई परीक्षा में अब तक 10 लाखों छात्रों ने परीक्षा को छोड़ दिया है। वहीँ पिछली साल के मुकाबले यह आकडा कहीं ज्यादा बताया जा रहा है।

बतादें कि राज्य में बोर्ड के परीक्षाएं हो रही हैं। इसबार राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षायों में इतनी टाइड सख्ती की गयी है कि अभी तक लाखों छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो अभी तक दस लाख से भी ज्यादा छात्र परीक्षा छोड़ चुके हैं। वहीँ परीक्षा के पहले दिन ही करीब एक लाख छात्र नदारद रहे हैं, दुसरे दिन यह आकडा पांच लाख और तीसरे दिन छह लाख हो गया था। छात्रों का परीक्षा से भागना चिंता का विषय बना हुआ है। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया है कि राज्य सरकार की अत्यधिक सख्ती के कारण यह हालात बने हैं, परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी होने से छात्र सिर भी नहीं हिला सकते हैं।

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वहीं परीक्षा केन्द्रों को छावनी में बदल दिया गया है, ऐसे में कुछ छात्र तो यह नजारा देख कर ही सहम रहे हैं। बताया जा रहा है कि नकल रोकने के लिए बरती गई सख्ती की वजह छात्रों ने परीक्षा छोड़ने का फैसला किया है। अनुमानित इसबार परीक्षा में हाईस्कूल और इंटर के करीब 66 लाख 37 हजार छात्रों के शामिल होने की शामिल रहे हैं। जिसमें हाईस्कूल में 36,55,691 और इंटर में 29,81,387 छात्र शामिल हुए हैं। राज्य में हाईस्कूल की परीक्षा 6 से 22 फ़रवरी तक चलेगी, वहीँ इंटर की परीक्षा 12 मार्च तक चलेगी। बोर्ड परीक्षा को लेकर 8549 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राज्य की योगी सरकार द्वारा की गयी सख्ती ने 1991-92 की यादें ताजा कर दी हैं। जब सूबे में राजनाथ सिंह ने एंटी-कॉपिंग ऑर्डिनेंस लागू कर दिया था।

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जिसके बाद भी सवा लाख छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी, वहीँ अब यह आकडा सबसे ज्यादा हो गया है। 1991-92 में राज्य सरकार द्वारा परीक्षा में गयी सख्ती का परिणाम भी सरकार को भुगतना पड़ा था। वहीँ परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों को लगभग फेल ही माना जा रहा है क्योंकि पेपर में अनुपस्थित होने पर किसी भी हाल में पास नहीं हो सकेगा। ऐसे में परिणाम आने से पहले ही करीब 10 लाख छात्र अनुपस्थित रहने के कारण फेल हो चुके हैं।

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