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मीडिया पर केस करने वाले सावधान- जाने लें सुप्रीम कोर्टी की नसीहत...

नई दिल्ली: अपने लोकतंत्र के लिए पूरी दुनिया में मशहूर भारत देश का सर्वोच्च न्यायालय इन दिनों विवादों में चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दिपक मिश्रा के बाज अदालत के चार सीनियर जजों ने चीफ जस्टिस दिपक मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए मनमानी करने की बात कहीं। इस मामले में सबसे बड़ी हैरानी तो यह है कि सबसे बड़ी अदालत के जजों को अपनी बात मीडिया के सामने रखनी पड़ी।

लेकिन अगर हाल के दिनों में मीडिया की बात की जाए तो कई पत्रकारों की हत्या की गई है, वहीं कइयों के खिलाफ कोर्ट कई तरह के मामले चल रहे हैं। बता दें कि पिछले दिनों मीडिया पर सवाल उठाने वाले लोगों को सुप्रीम कोर्ट ने नसीहत दी है।

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दरअसल मीडिया के खिलाफ मानहानि के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रेस की बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी ‘पूर्ण’ होनी चाहिए और ‘कुछ गलत रिपोर्टिंग’ होने पर मीडिया को मानहानि के लिये नहीं पकड़ा जाना चाहिए।

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मामले पर प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने एक पत्रकार और मीडिया हाउस के खिलाफ मानहानि की शिकायत निरस्त करने के पटना हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा था।

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मामले में पीठ ने कहा कि, ‘लोकतंत्र में, आपको सहनशीलता सीखनी चाहिए, किसी कथित घोटाले की रिपोर्टिंग करते समय ऐसा हो सकता है कि उत्साह में कुछ गलती हो सकती है, लेकिन हमें ऐसे मामलों में प्रेस को पूरी तरह से बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी देनी चाहिए”।

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