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‘सुपर 30’ के आनंद पर लगे गंभीर आरोपी, जाने क्या पूरी सच्चाई!

पटना: हाल के दिनों में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे ‘सुपर 30’ के बारे में न पता है। क्योंकि ‘सुपर 30’ और इसके संचालक की पहचान इस कदर बढ़ी है कि अब इनके जीवन से जुड़ी एक फिल्म भी बन रही है, जिसमें बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता रितिक रोशन मुख्य भूमिका में हैं।

लेकिन अगर आप ‘सुपर 30’ के बारे में अब भी नहीं जानते तो आपको बता दें कि ‘सुपर 30’ कोचिंग सेंटर है जिनके संस्थापक का दावा है कि वे हर साल 30 गरीब बच्चों को मुक्त रहना-खाना-शिक्षा की सुविधा देते हैं, ताकि वे अपने गारीबी को नजरअंदाज करते हुए अपना पूरा ध्यान पढ़ाई को पर लगा सकें। ‘सुपर 30’ के संचालकों के अनुसार यही कारण है कि हर साल ‘सुपर 30’ में से कई बच्चे आईआईटी जैसी उच्च स्तरीय परीक्षा कर जाते हैं।

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आपको बता दें ‘सुपर 30’ के शुरुआती दिनों में इसे अभयानंद (पूर्व डीजीपी अभयानंद)और आनंद मिल कर चलते थे, लेकिन हाल के दिनों ‘सुपर 30’ के सर्वेसर्वा सिर्फ आनंद ही है। आम तौर पर ‘सुपर 30’ की चर्चा आईआईटी परीक्षा के दौरान ही चरम पर रहती है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी चर्चा आनंद कुमार के ‘झोल’ को लेकर चल रही है।

आपको बता दें कि विवादों में घिरे ‘सुपर 30’ और उसके संस्थापक आनंद कुमार पर आरोप है कि उन्होंने काफी समय से अपने कोचिंग से आईआईटी में दाखिला पाने वाले सफल छात्रों की गलत तस्वीर पेश की है। इसके साथ ही उनपर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है। इन्ही सब बातों को लेकर पिछले कुछ दिनों से आनंद कुमार विवादों में चल रहे हैं।

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इस बीच आपको बता दें कि आनंद पर लगे आरोपों से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ आईपीएस और पूर्व डीजीपी अभयानंद के नाम से एक फर्जी खबर वायरल हुई थी। जिसके हवाले से कहा जा रहा था कि अभयानंद ने कोचिंग के नाम पर विदेशों में अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। क्योंकि मामला पूर्व डीजीपी से जुड़ा था, इस कारण पुलिस ने चहलकदमी दिखाई और मामले में जितेंद्र कुमार नाम के एक युवक को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, युवक के पास से लैपटॉप और  मोबाइल के सथ कुछ अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। पलिस का दावा है कि इसी लैपटॉप की मदद से युवक ने फर्जी खबर को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। यहां मामले इस समय एक नया मोड़ आया जब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए युवक से पूछताछ भी नहीं की थी कि आनंद कुमार उसे छुड़ाने के लिए थाने पहुंच गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आनंद ने उसे छुड़ाने की पूरी कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए, वहीं घटना के कुछ दिन बाद ही आनंद कुमार के कथित पूर्व छात्रों और सहयोगी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद अब आनंद इस विवाद में पूरी तरह से उलझते दिख रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार एक समय में आनंद के नजदीकी रहे विद्यानंद उपाध्याय ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आनंद कुमार पर संगीन आरोप लगाए।

उन्होंने बताया कि, आनंद और उनके छोटे भाई प्रणव ‘सुपर 30’ के अलावा ‘रामानुजम मैथमैटिक्स क्लासेज’ भी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि ‘सुपर 30’ में अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए काफी संख्या में लोग आनंद के पास आते हैं। और यहां आए लोगों से आनंद कहते हैं कि वे इस साल कहीं से पैसों का इंतजाम कर अपने बच्चे को रामानुजम क्लासेज में दाखिला करा लें और अगले साल उसे ‘सुपर-30’ में ले लिया जाएगा।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि बच्चों के परिजन आनंद की बात मान अपने बच्चों को ‘रामानुजम’ मे दाखिला करा देते हैं। आनंद पर आरोप लगाने वाले उपाध्याय का दावा है कि यही आनंद कुमार का फर्जीवाड़ा है। उन्होंने बताया कि ‘रामानुजम’ के एक बैच में तकरीबन 400 से 500 छात्र होते हैं और ऐसे 7 से 8 बैच चलते हैं।

उपाध्याय ने आनंद पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां के जिन छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में कामयाबी हासिल की, उन्हें बाद में ‘सुपर 30’ का छात्र घोषित कर दिया गया। जबकि साल 2015 से आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों की संख्या बेहद कम हो गई, जिसके बाद आनंद कुमार ने अन्य कोचिंग संस्थानों के बच्चों को ‘सुपर 30’ का बता कर समाज में तारीफ बटोरी।

आपको बता दें कि इतने खुलासे मामले के शुरुआती दौर में ही हुए है, जबकि मामले पर विवाद तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में इस मामले में अभी और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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