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बॉलीवुड पर बरसा था संजय गांधी का कहर- फिल्मों में लगवाए आग तो किशोर के गानों को...

नई दिल्ली: साल 1975 का दौरा भारतीय लेकतंत्र के इतिहास के लिए काला दिन के तौर पर जाना जाता है। ये वो दौर था जब देश में इमरजेंसी घोषित कर दिया गया था, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी पर जनता के साथ ज़्यादतियाँ, जबरन नसबंदी और सरकारी काम-काज में दखल देने के अलावा अन्य कई तरह के गंभीर आरोप लगे थे।

हालांकि इमरजेंसी खत्म होने के बाद संजय गांधी को अपने गुनाहों की सजा तो भुगतनी पड़ी लेकिन यह दौर देश का कोई भी आदमी भूल नहीं पाता है, उस जमाने के लोग जब इस दौर में भी उसकी चर्चा करते हैं तो सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते है। लेकिन इमरजेंसी खत्म होने के बाद संजय गांधी पर मुकदमा भी चला और उन्हें जेल भी जाना पड़ा।

इस दौरान संजय गांधी पर कई तरह के आरोप लगे थे, उन्हें में से एक आरोप है फिल्म 'किस्सा कुर्सी का' के प्रिंट जलाने के मामले को लेकर, बताया जाता है कि साल 1975 बनी इस फिल्म के प्रिंट को कथित तौर पर संजय गांधी के कहने के बाद ही जला दिया गया था। कहा जाता है कि संजय गांधी ऐसा इस लिए किया था क्योंकि यह फिल्म उन्हीं पर बनाई गई एक पॉलिटिकल स्पूफ फिल्म थी।

इसके अलावा संजय गांधी पर एक और गंभीर आरोप लगा था कि उन्होंने बॉलीवुड के जाने माने कलाकार किशोर कुमार के गानों को प्रतिबंधित कर दिया था। तब रेडियो पर भी किशोर कुमार के गाने नहीं आते है। बताया जाता है कि इस दौरान संजय गांधी ने अपने एक कार्यक्रम में किशोर कुमार को गाना गाने के लिए बुलाया था, लेकिन इमरजेंसी की घटनाओं से नाराज किशोर कुमार ने संजय गांधी के साथ मंच साझा करने से मना कर दिया था, जिससे नाराज संजय गांधी ने उनके गांधी पर बैन लगवा दिया था।

आपको बता दें कि इमरजेंसी के दौरान ऐसे ऐसे कारनामों को अंजान दिया गया जिसे अगर लिखा जाए तो कई दिन लग सकते है, लिहाजा हम आपको इन दोनों  मुद्दों का निचोड़ आपके सामने रख रहे हैं।

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