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इस रॉ एजेंट के एक फ़ोन कॉल पर थर-थर कांपते थे दुश्मन, जनिए कौन है वो...

NEW DELHI:- पाकिस्तान हमेशा ही अपने देश में हुए हमलों का जिम्मेदार भारत और भारत की एजेंसी रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग को बताता है। कुलभूषण जाधव को भी पाकिस्तान एक रॉ एजेंट बताता है। लेकिन भारत की ओर इस बात को हमेशा से नकारा जाता रहा है कुलभूषण एक रॉ एजेंट है। अब सच्चाई क्या है ये सरकार और कुलभूषण ही जानते है। लेकिन आज हम उस इंसान  बारे में बताने वाले है जिसने इसकी शुरुआत की...

रॉ  ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ की शुरुआत रामेश्वर नाथ काव ने की थी। बात उस वक़्त की है जब भारत-इजरायल के बीच रिश्ते न के बराबर थे तब काव ने ही उस दौर में इजरायली इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद से सीक्रेट कॉन्टेक्ट बनाए थे| चीन और पाकिस्तान से वॉर के बाद से ही भारत को रॉ की ज़रूरत महसूस हुई थी|

  • रामेश्वर नाथ काव का जन्म 10 मई 1918 को यूपी के वाराणसी में एक कश्मीरी पंडित फैमिली में हुआ। उनका परिवार श्रीनगर से वाराणसी माइग्रेट हुआ था।
  • 1940 में उन्होंने इंडियन इम्पीरियल सर्विसेज में ‘असिस्टेंट सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस’ (कानपुर) से अपने करियर की शरुआत की थी।
  • काव का पहला असाइनमेंट आजादी के बाद इंडियन वीआईपी की सिक्युरिटी देना था।
  • आजादी के बाद काव को इंटेलिजेंस ब्यूरो में डेप्युटेड कर दिया गया। उन्हें वीआईपी सिक्युरिटी का चार्ज सौपा गया था।
  • शुरुआत में रॉ के लिए 250 एजेंट चुने गए थे और एजेंसी को ऑपरेशन शुरू करने के लिए 2 करोड़ रुपए का बजट भी अलॉट किया गया था।
  • कई सालों तक रॉ में काव ने अपने नेतृत्व में कई कॉवर्ट ऑपरेशन्स को अंजाम दिया था जिसकी वजह से काव की टीम को ‘काउब्वॉयज’ कहा जाने लगा था।
  • रॉ बनाए जाने के तीन साल बाद ही पूर्वी पाकिस्तान को आजाद करवाकर बांग्लादेश बनाया गया। इसमें भी काव की अहम भूमिका रही है।
  • रॉ ने चिटगांव पोर्ट पर पहुंचे पाकिस्तानी नेवी शिप की भी सही लोकेशन इंडियन नेवी तक पहुंचाई थी वो भी काम काव के ही नेतृत्व में हुआ था।
  • 1975 में सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाना भी काव और उनकी टीम की मदद से ही सफल हो पाया था।
  • ज्वाइंट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन के.एन. दारूवाला का कहना है कि , “काव के दुनियाभर में जबरदस्त कॉन्टैक्ट्स थे जिसकी वजह से वो एक फोन कॉल से ही सारी चीजें मिनटों में बदल देते थे।”
  • 1975 में सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाना भी काव और उनकी टीम की मदद से ही सफल हो पाया था।
  • बताया जाता है कि इस इंटेलिजेंस एजेंसी ने इतनी सटीक इन्फॉर्मेशन दी थी,जिससे इंडियन आर्मी को ऑपरेशन चलाने में काफी मदद मिली।
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