Breaking News
  • दोपहर बाद देश भर में केंद्रीय कार्यालय और सभी सरकारी उपक्रम बंद रहेंगे
  • अटल जी के सम्मान में 22 अगस्त तक आधा झुका रहेगा राष्ट्रध्वज
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी का निधन, सम्मान में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक
  • अटल जी का अंतिम संस्कार राजघाट के निकट स्‍मृति स्‍थल पर पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ

इस साल कई बार हिलेगी धर्ती- आने वाल है बड़ा प्रलय, जाने क्या है बड़ा कारण!

नई दिल्ली: भूकंप या भूचाल और इससे होने वाली भयानक तबाही तो आप सभी लोगों ने कभी न कभी जरूर ही देखे या सुने होंगे। लेकिन क्या आप जानता हैं कि आखिरी भूकंप आने की वजह क्या है और किस तरह की भूकंप कितनी तबाही मचा सकती है। ऐसे में अगर आप का जवाब न है तो आपको इस संबंध में कुछ अहम जानकारी दे रहे हैं।

दरअसल, जानकारों के अनुसार बताया जाता है कि, ‘पृथ्वी के स्थलमण्डल यानी लिथोस्फ़ीयर में ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण उत्पन्न होने वाली भूकम्पीय तरंगों की वजह से ऐसा होता है’। कई बार भूकंप बेहद शक्तिशाली होता है जिसमें कई लोगों की जान चली जाती है, तो कभी कभी ऐसे भयानक भूकंप भी आ चुके हैं, जिसने पूरे शहर को ही तबाह कर दिया।

‘चाय बेचने’ में भारत ने बनाया रिकॉर्ड!

आपको बता दें कि भूकंप की तीव्रता मापन के लिए भूकम्पमापी यंत्रों (सीस्मोमीटर) का इस्तेमाल किया जाता है। इसका पैमाना रिक्टर पैमाने पर तय होता है, जिसके बाद पता चलता है कि भूकंप कितना भयान था। यहां आपको एक खास जानकारी दे दें कि भूकंप पर शोध कर रहे जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ अमेरिका के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि साल 2018 में दुनिया के कई हिस्सों में भयानक भूकंप तबाही मचा सकती हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पृथ्वी के घूमने की रफ्तार में अंतर आ गया है। जिसके चलते भूकंप के आने की आशंका तेज होती है। रिपोर्ट के अनुसार पृथ्वी के घूमने की रफ्तार से भूकंप का सीधा संबंध होता है। यह निष्कर्ष अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के रोजर बिल्हम और यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना की रेबेका बेंडिक ने भूकंप पर हुई शोध में निकाला है।

पहले ही भाषण में छा गए केजरीवाल के संजय- ‘6 साल रहूंगा और हर दिन परेशान करूंगा’

वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछली सदी में पृथ्वी की घूमने की रफ़्तार और हाल के दिनों में फर्क आने के कारण करीब पांच बार 7 मैग्नीट्यूड के भूकंप आए थे। जिसके चलते अंदेशा लगाया जा रह है कि 2018 में बड़े भूकंप भी आ सकते हैं। हालांकि ये भूकंप किस इलाके में आएंगे इस बात पर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है।

कितने रियेक्टर पर तबाही मचा सकता है भूकंप

0 से 1.9 तक सिर्फ सीज्मोग्राफ से पता चलता है

2 से 2.9 तक थोड़ा कंपन

3 से 3.9 कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजरा रहा है ऐसा असर

4 से 4.9 तक दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती है

5 से 5.9 तक फर्नीचर जैसा भारी सामान भी हिल सकते हैं

6 से 6.9 तक इमारतों की नींव हिल सकती है

7 से 7.9 तक इमारतें गिर भी जाती हैं

8 से 8.9 तक इमारतों सहित बड़े-बड़े और मजबूत पुल भी गिर जाते हैं

इसके अलावा 9 या इससे अधिक तीव्रता का भूकंप पूरी जगह को तबाह कर सकता है

आपको बता दें कि भूकंप आने पर भगदड़ की स्थिती न बनने दे और अपने घरों से निकल कर किसी खुले मैदान में चले जाए, जहां आपके आस पास, कोई पेड़ पैधा या इमरत या बिजली के खंभे न हो।

VIDEO: ‘अगर भारत के पहले PM पटेल होते तो कश्मीर का हिस्सा POK नहीं होता’- PM Modi

loading...