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भारत का सबसे डरावना सच! पति का सिर गोद में रख कर जिंदा जल गई थी 18 साल की दुल्हन

नई दिल्ली: दुनिया भर में अपनी अलग-अलग परंपराओं के लिए मशहूर भारत देश से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं हैं जिसके कारण भारत का नाम पूरी दुनिया में बदमान हुआ है। ऐसी ही एक परंपरा है ‘सती प्रथा’, जिसके बारे में आप भी जानते होगे। इस प्रथा के अंतर्गत जिस स्त्री के पति की मौत हो गई उसे जीने का अधिकार नहीं है। चाहे उसकी मर्जी हो या न हो पति की चिता के साथ उसे भी जिंदा जला दिया जाता था।

हालांकि साल 1829 में ही अंग्रेजों ने इस प्रथा को गैरकानूनी घोषित किया था लेकिन इसके बाद भी भारत में सती प्रथा से जुड़ी कई घटनाएं सामने आई है। उन्हीं घटनाओं में एक घटना राजस्थान के सिकर जिले के देवराला गांव से हैं। यहां करीब 31 साल पहले रूप कुंवर नाम की एक 18 साल की लड़की सती प्रथा के भेंट चढ़ गई थी।

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इस घटना ने पूरी दुनिया अंचभित कर दिया था। भारत का नान पूरी दुनिया में बदनाम हुआ था। मामले में मृतक महिला के ससुलाल वालों को जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी। लेकिन घटना के 31 साल बीतने के बाद भी देवराला गांव पर लगा कलंक मिट नहीं सका है। गांव में आज भी धारा 144 अमल में है। हर पर्व त्योहार में पुलिस की पैनी नजर गांव वालों पर होती है।

31 साल पहले घटी घटना को लेकर गांव वालों ने बताया कि 18 साल की रूप कुंवर की शादी 24 साल के माल सिंह शेखावत के साथ हुई थी। लेकिन शादी के 8 महीने बाद ही माल सिंह की मौत हो गई। गांव वालों के अनुसार पति की मौत के बाद रूप ने सती होने का संकल्प लिया।

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इससे पहले इलाके में माल सिंह की शव यात्रा निकाली गई और शव यात्रा के साथ रूप भी पीछे-पीछे चल रही थी। कहा जाता है कि इस दौरान अंतिम संस्कार से पहले रूप ने अपने पति का सिर गोद में लिया और चिता पर बैठ गई। जिसके बाद माल सिंह के भाई ने चिता को आग लगाई, देखते ही देखते मृत पति के साथ जीवित महिला भी राख की ढेर में बदल गई।

हालांकि ये बात यकीन से परे हैं, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि जब माल के भाई ने चिता को आग लगाया तब चिता में में अग नहीं पकड़ी थी, इसके बाद अपने-आप ही चिता में आग लगी थी। इस घटना को लेकर कई तरह की मनगढ़ंत कहानियां बताई जाती है। हालांकि ऐसा भी नहीं है कि राज्सथान ने सती प्रथा का शिकार अकेले रूप कुंवर ही हुई है बल्कि इससे पहले भी राजस्थान के अलग-अलग इलाके में तीन महिलाएं सती प्रथा का शिकार हुई हैं।

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