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भारत के लिए बहुत ही खास है 11 मई

नई दिल्ली: इतिहास के पन्नों में 11 मई का दिन बेहद ही खास है। इस दिन के बहुत ऐतिहासिक घटनाएं घटी हैं। खास तौर पर अगर भारत की बात करें तो आज ही के दिन 11 मई 1998 को भारत ने सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का ऐलान किया था। आपको बता दें कि 11 मई साल का 131वां दिन है और आज ही के दिन साल 2000 में भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छूआ था।

11 मई का दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है। इस दिन को भारत सरकार ने पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था। ये भारत का दूसरा परीक्षण था। अधूरी तैयारी और अंतराष्ट्रिय स्तर पर भारत के कममजोर होने के कारण पहला परीक्षण असफल रहा था।

जिसके बाद 11 मई 1998 को दूसरा परीक्षण कर भारत में दुनिया को अपनी शक्ति का आभास कराया। आपको बता दें कि 2 मई 1998 में पोखरण परीक्षण रेंज पर किये गए पांच परमाणु बम परीक्षणों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। यह दूसरा भारतीय परमाणु परीक्षण था। इससे पहले  पहला परीक्षण स्माइलिंग बुद्धा (कोड नाम) नाम से  मई 1974 में किया गया था।

जिसके असफल होने के बाद 11 मई और 13 मई 1998 को राजस्थान के पोरखरण परमाणु स्थल पर पांच परमाणु परीक्षण किये गए थे। इनमें 45 किलोटन का एक फ्यूज़न परमाणु उपकरण शामिल था। इसे आमतौर पर हाइड्रोजन बम के नाम से जाना जाता है। 11 मई को हुए परमाणु परीक्षण में 15 किलोटन का विखंडन उपकरण और 0.2 किलोटन का सहायक उपकरण शामिल था।

इन परमाणु परीक्षण के बाद जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित प्रमुख देशों द्वारा भारत के खिलाफ विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधों लगाये गए थे। लेकिन फिर भी भारत इस परीक्षण में सफल साबित हुआ और ये दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसे पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में किया गया था।

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