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बच्चों से ज्यादा है कॉलेज की संख्या- बंद होंगे देशभर के 800 इंजीनियरिंग कॉलेज!

नई दिल्ली: देश भर में इंजीनियरिंग कॉलेज छात्रों की कमी का सामना कर रहा हैं। इसी कारण एआईसीटीई ने लगभग 800 इंजीनियरिंग कॉलेज बंद करने का फैसला किया है। मामले पर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का कहना है कि विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगभग 27 लाख सीटें खाली हैं।

एआईसीटीई के अध्यक्ष अनिल डी सहस्रबुद्धे के हवाले से बताया गया कि कॉलेज अगले साल से बंद हो जाएगा। टीओआई की रिपोर्टों के अनुसार पिछले 5 वर्षों में 30% से कम प्रवेश वाले कॉलेजों को बंद कर दिया जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत में 10, 361 एआईसीटीई से मंजूरी प्राप्त कॉलेज हैं। जिनमें 37 लाख छात्रों को उपलब्ध कराने की क्षमता है।

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लेकिन दुर्भाग्य से केवल 10 लाख सीटें ही भरी हैं और 27 लाख सीटें अभी भी रिक्त हैं। यह एआईसीटीई का नियम है कि अगर कॉलेजों में उचित बुनियादी ढांचा नहीं है या प्रवेश लगातार 5 वर्षों तक 30 प्रतिशत से कम हो तो उन्हें बंद करना होगा।

AICTE की वेबसाइट के अनुसार 2014-15 से 2017-18 तक पूरे भारत में 410 से अधिक कॉलेजों को बंद करने को मंजूरी दी है, इनमें से 20 संस्थान कर्नाटक में हैं, 2016-17 में सबसे ज्यादा संख्या में संस्थाओं को बंद करने की मंजूरी दी गई थी। इस फैसले में सबसे खास बात यह है कि 2017-2018 में इन 65 संस्थानों को बंद करने की मंजूदी दे दी गई है।

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AICTE के अनुसार प्रगतिशील क्लोजर का अर्थ है कि संस्थान शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रथम साल के लिए छात्रों को स्वीकार नहीं करेगा, जिसके लिए प्रगतिशील क्लोजर मंजूर है, हालांकि मौजूदा छात्र के भविष्य को देखते हुए उन्हें फिलहाल जारी रखने का फैसला लिया गया है।

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