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12 साल की बच्ची ने किया 35 तस्‍वीरों से सुंदरकांड का बखान

नई दिल्ली: 12 साल की उम्र में आप क्या कर सकते थे, या आज के बच्चे क्या कर रहे हैं। ज्यादातर बच्चे इस उम्र में अपना अधिकांश समय खाने-खेलने या स्कूल में बिता देते हैं। वहीं आज के टेक्नोलॉजी के जमाने में बच्चे अपना ज्यदातर समय मोबाइल और  टीवी के साथ ही बर्बाद कर देते हैं, लेकिन आज एक ऐसी बच्ची के बारे में बता रहे हैं जो इसी छोटी सी उम्र में ही अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में दर्ज करा दिया।

दरअसल, गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली 12 साल की ईशा मजीठिया ने रामायण के सुंदरकांड पर आधारित 35 चित्रों की एक श्रृंखला प्रदर्शित कर इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस-2018 में अपना नाम दर्ज कराया है। सुंदरकांड के पांचवें अध्याय में इन 35 चित्रों की मदद से सुंदरकांड की चौपाइयों को दर्शाया गया है।

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इन चित्रों को कागज पर एक्रिलिक रंग, क्रेयॉन स्याही और चारकोल द्वारा बनाया गया है। यह देश की पहली ऐसी चित्रकारी है जो चित्रों के माध्यम से एक शास्त्र को दर्शाती है। ईशा ने इस विषय पर साल 2012 में महज छह साल की उम्र में काम शुरू कर दिया था और इसे साल 2016 में 10 साल की उम्र में पूरा कर लिया।

ईशा की श्रृंखला सितंबर, 2016 में अहमदाबाद में प्रदर्शित की गई थी और इसी दौरान ईशा के काम पर आधारित एक पुस्तक भी रिलीज की गई थी। ईसा की मां का कहना है कि इस किताब का उद्देश्य है कि बच्चों को हमारे प्राचीन पवित्र ग्रंथों के प्रचार और संरक्षण में शामिल किया जाए।

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