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नालों की सफाई करेगा ‘मशीनी मानव’, पढ़िए पूरी खबर

नई दिल्ली: सीवर की सफाई करते हुए मजदूरों की जान जाने की दुर्घटनाएं आम सी हो गई हैं। हाल ही में वडोदरा में सीवर की सफाई के दौरान 7 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है, बल्कि राजधानी दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें लगातार आती रही है। सफाई कर्मचारियों के संगठन के अनुसार हर 5 दिन में सीवर साफ करने के दौरान एक की मौत हो जाती है। 2016 और 2018 के बीच अकेले दिल्ली में ही 429 मौतें हुईं। मौत के बढ़ते आकड़ों से निपटने के लिए सरकारी प्रयास भी जारी है। इसी क्रम में दिल्ली की केजरीवाल सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत अब मानव नहीं बल्कि सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई रोबोट से कराई जाएगी।

दरअसल, आईआईटी के कुछ इंजीनियरों ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है जो सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करने में सक्षम है। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम इस महीने के आखिरी में केरल जाकर इस रोबोट का परिक्षण करेंगे, जिसके बाद यह तय होगा कि रोबोट हर पैमाने पर खरा उतरता है या नही। फिलहाल इस तरह का रोबोट दक्षिण भारतीय राज्य केरल,तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहा है। जिसे अब दिल्ली लाने की तैयारी चल रही है।

आपको बता दें कि जिस तरह सीवर या सेप्टिक टैंक की सपाइ के लिए मानव मेनहोल में प्रवेस करते हैं, उसी तरह से यह आधुनिक रोबोट भी सीवर या सेप्टिक टैंक के मेनहोल जाएगा। रोबोट कैमरे की मदद से अंदर की तस्वीरें बाहर खड़े कर्माचारियों को दिखाएगा और फिर ज़रूरत के हिसाब से कमांड देने पर अंदर का कचरा बाहर निकालेगा।

मानव की तरह सीवर की सफाइ करने वाले एक रोबोट का वजन करीब 80 किलो के आसपास है। जिसकी कीमत 20-22 लाख रुपये के करीब हो सकती है। लेकिन अगर थोक में खरीदा जाए तो एक रोबोट की कीमत 12 से 15 लाख रुपये पड़ सकती है। यह रोबोट छोटे सीवर या टैंक की सफाई के लिए 15 मिनट का समय लेता है, जबकि बड़े सीवर या टैंक की सफाई के लिए इसे 45 मिनट का वक्त लग सकता है।

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