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‘माल्या के किंगफिशर में राहुल गांधी की कितनी हिस्सेदारी है’

नई दिल्ली: भारत के कई बैंकों का भारी-भरकम कर्ज लेकर भारत से फरार हो चुके विजय माल्या ने कहा कि उनसने देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर प्रस्ताव पर चर्चा की बात की थी। माल्या के इस बयान के बाद केंद्र की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जेटली जी लंबे-लंबे बॉल्ग लिखते लेकिन कभी माल्या के बारे में नहीं लिखा।

साथ ही कांग्रेस पार्टी ने मामले में केंद्र सरकार से सफाई देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार अरुण जेलटली और विजय माल्य की मुलाकात की सच्चाई बातए, माल्या और जेटली की मुलाकात का सच देश जानना चाहता है। वहीं भगोड़े विजय माल्या को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है।

मामले पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि एक बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रेस से कहा था हम लोगों को किगफिशर को मुश्किल से निकलना होगा। आखिर किंगफिशर के साथ ये रिश्ता क्या कहलाता है। उन्होंने कहा कि विजय माल्या सिविल एविएशन स्टैंडिंग समिति का सदस्य भी था।

पात्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ चाय पर मीटिंग के बाद लोन दिलाने में मदद के लिए धन्यवाद पत्र लिखते हैं। इसके साथ ही पात्रा ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि वे बताएं कि विजय माल्या के गुड टाइम्स में उनकी कितनी हिस्सेदारी है।

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पात्रा ने सानिया गांधी और राहुल गांधी पर तिखा हमला करते हुए कहा कि, किंगफ़िशर एयरलाइन्स विजय माल्या का था या राहुल गांधी और सोनिया गांधी का था। इसके साथ ही पात्रा ने इस पूरे मामले पर अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि जिस तरीके के तथ्य और मेल सामने हैं, उससे यही लगता है।

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उन्होंने कहा कि पहली चिठ्टी 2010 की है जब रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक को लेटर लिख कर विजय माल्या के लोन को पुनर्गठन की बात करती है। इसके बाद 9 मार्च 2012 में भी रिजर्व बैंक ने स्टेट बैंक को लेटर लिखा और फिर से किंगफिशर एयरलाइन को बचाने की कोशिश की गई। बता दें कि माल्या का मामला देश के लिए पिछले काफी समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है जिसमें अब कांग्रेस और भाजपा सभी उलझती दिख रही है।

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