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यूपी का ताज नहीं है ताजमहल- अनदेखी कर फंस गए सीएम योगी...


लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी योगी सरकार ने पिछले 11 जुलाई को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए बजट पेश किया है। वैसे तो सरकार के इस बजट में कई तरह के ऐलान किए गए हैं, लेकिन हमारी सांस्कृतिक विरासत' सेक्शन में ताजमहल का नाम तक नहीं लिया गया है।

अब यहां सबसे बड़ा सवाल है कि दुनिया के सात अजूबों में शामिल जिस ताजमहल को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं, जिसके कारण आगरा में कई लोगों का रोजगार चलता है वह प्रदेश सरकार के लिए इतनी भी अहमियत नहीं रखती की सरकार इसके लिए भी कुछ बजट का ऐलान करें।

हालांकि मीडिया रिपोर्ट के हावाले से बताया जाता है कि योगी आदित्यनाथ पहले भी ताजमहल को भारतीय संस्कृति का हिस्सा मानने से इनकार कर चुके हैं, लिहाज उन्होंने बजट में इसका नाम लेना मुनासिब नहीं समझा।

बता दें कि बजट में ताज की अनदेखी को लेकर सीएम योगी का जमकर आलोचन हो रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब सभी धार्मिक स्थलों को कुछ ना कुछ दिया गया है तो ताजमहल से ऐसी क्या नाराजगी है कि इस बजट से दूर ही कर दिया गया।

आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए बजट में स्वदेश दर्शन योजना पेश की गई है, जिसके लिए सरकार ने 1,240 करोड़ रुपये का फंड अलॉट किया है। इस योजना का उद्देश्य है कि मथुरा, काशी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

इसके अलाव प्रसाद योजना के लिए 800 करोड़ रुपये का फंड अलॉट किया गया है, जिसके तहत अयोध्या, वाराणसी और मथुरा का विकास किया जाएगा। इसके अलावा पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में एक सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना के लिए भी 200 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है।

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