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कांग्रेस के दो दिग्गज नेता ने ली इस किसान की जान, जहर खाकर की आत्महत्या

नोएडा : सारी उम्र कोई जीने की वजह नहीं पूछता, लेकिन मौत के बाद सब पूछते हैं कैसे मरे। ये शब्द एक किसान के है, जिसने अपने मरने से पहले वहां की सरकार और सरकार के वादा खिलाफी के विरूद्ध अपनी जान दे दी। मरने से पहले उसने एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने लिखा हैं, ‘’मैं आज अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। इस मौत के जिम्मेदार गहलोत और सचिन पायलट हैं।

उन्होंने बकायदा बयान दिया था कि 10 दिन में आपका कर्ज माफ कर देंगे। हमारी सरकार आई तो अब इनके वादे का क्या हुआ। सभी किसान भाइयों से विनती है कि मेरी लाश तब तक मत उठाना जब तक सभी किसानों का कर्ज माफ ना हो। आज सरकार को झुकाने का वक्त आ गया है। अब इनका मतलब निकल गया है। सभी भाइयों से विनम्र निवेदन है कि सब किसान भाइयों के लिए मरने जा रहा हूं। सबका भला होना चाहिए किसान की एकता को आज दिखाना है। मेरी मौत का मुकदमा अशोक गहलोत पर कर देना। मेरे गांव ठाकरी के वासियों से भी विनती करता हूं कि गांव में एकता बनाए रखना। मेरा घर मेरा परिवार आप लोगों के भरोसे छोड़ कर जा रहा हूं। मेरे परिवार का ख्याल रखना एक बात और अब की बार सरपंची गांव में रखना। यह विनती है मेरी। आपका सोहन लाल कड़ेला।’’

बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार ने तमाम बड़े वादे किये थे, जिसमें 10 दिनों के अंदर कर्जमाफी का भी वादा था, जो नहीं किया जा सका। हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस ने अपने इस वादे को भुनाना चाहा लेकिन कई मंचों से कांग्रेस की ये पोल खुलती नज़र आई। फिर भी कांग्रेस अपने वादे को पूरा नहीं कर सकीं और आज ये नौबत हैं कि कांग्रेस के इस वादे ने एक किसान की जान ले ली।  

किसान ने अपने सुसाइड नोट में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। किसान ने लिखा है कि मेरी मौत का मुकदमा अशोक गहलोत पर कर देना। बता दें कि यह घटना राजस्थान श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर क्षेत्र के ठाकरी गांव की है, जहां के रहने वाले किसान सोहनलाल मेघवाल ने रविवार दोपहर जहर खाकर खुदकुशी की। 45 साल के सोहनलाल पर बैंक की तरफ से कर्ज चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिस कारण उसने सुसाइड कर ली।

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