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त्रिपाठी की ममता को नसीहत, रखो खुद पर काबू, नहीं तो हो सकता है बवाल

नोएडा : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त हुए केसरी नाथ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया, जिसके कारण त्रिपाठी टीएमसी के निशाने पर आ गए। पूर्व राज्यपाल ने टीएमसी प्रमुख और सीएम ममता बनर्जी को लेकर कहा कि उनमें अपने फैसलों को लागू करने की शक्ति और विजन है लेकिन उनकी तुष्टिकरण की नीति का राज्य के सामाजिक सद्भाव पर विपरीत असर हो रहा है।

त्रिपाठी ने सीएम ममता को बिना भेदभाव हर नागरिक को एक समान समझना की सलाह दी और कहा कि उन्हें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। ममता कई मौकों पर भावनात्मक हो जाती है, जिसे नियंत्रित किए जाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ती हिंसा पर भी चिंता जताई और कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाना चाहिए।

आपको बता दें कि पांच साल के कार्यकाल में कई बार एक दूसरे के आमने-सामने हो चुके त्रिपाठी और ममता के बीच अक्सर जुबानी जंग होती रही है। वहीं त्रिपाठी के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण नीति का राज्य के सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। सत्तारूढ़ पार्टी ने राज्यपाल से सवाल किया कि क्या यह नंबर बढाने का प्रयास है।

लेकिन भाजपा की ओर से राज्यपाल के इस बयान का बचाव किया जा रहा है । शनिवार को वर्द्धवान में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा है कि टीएमसी की ओर से राज्यपाल पर किया जा रहा हमला गलत है।  उन्होंने राज्यपाल रहते हुए बार-बार बसीरहाट और आसनसोल जैसे मामलों में राज्य सरकार को सहीं तरीके से काम करने का आह्वान किया था।  लेकिन कभी भी उनको बातों को सीरियसली ना लेकर उनके बातों को दरकिनार किया गया।

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