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पंचकूला: हरियाणा सरकार महिलाओं के सम्मान के प्रति कितनी असंवेदनशील है। इसका समय समय पर पर्याय मिलता रहा है। वहीँ एकबार फिर से हरियाणा में महिला सम्मान को ठेंगा दिखाने जैसी घटना घटी है। साल के गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में 90 के दशक के चर्चित रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले के दोषी को अतिथि बनाया गया। जिसके बाद सरकार पर सवाल उठना शुरू हो गये हैं।

पूरा मामला गणतंत्र दिवस का है जब पंचकूला के सेक्टर 5 परेड ग्राउंड में आयोजित हुए कार्यक्रम में अधिअकारियों द्वारा 1990 के चर्चित रुचिका छेड़छाड़ मामले के दोषी राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौर को वीआइपी ट्रीटमेंट दिया गया। महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ की यह कोई पहली घटना नहीं है,जब हरियाणा सरकार पर सवाल उठा हो।

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वहीँ कार्यक्रम में छेड़छाड़ के दोषी एसपीएस राठौड़ को सबसे आगे की पंक्ति में बैठा देखा गया, एक छेड़छाड़ के दोषी को वीआइपी ट्रीटमेंट मिलता देख रुचिका की दोस्ता अराधना गुप्ता ने इसे निराशाजनक और तिरंगे का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सज़ा पाए अपराधी को इतना सम्मान मिलना खेद की बात है। इअसे में अपराध को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है पूरा मामला

साल 1990 में रुचिका गिरहोत्रा के साथ पंचकूला के सेक्टर 6 के उनके घर और लॉन टेनिस एसोसिएशन दफ्तर (एचएलटीए) में छेड़छाड़ हुई थी। घटना के बाद न्याय न मिलता देख तीन वर्ष बाद रूचिका ने आत्महत्या कर ली थी। अराधना की गवाही के चलते राठौड़ को ट्रायल कोर्ट में दोषी माना गया। साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एसपीएस राठौड़ के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा गया था।

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