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किसान नहीं करेगा आत्महत्या, सरकार किसानी सीखने के लिए भेज रही है विदेश!

भोपाल: देश में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा हमेशा से छाया रहा है। साथ ही फसलों की अच्छी उपज न होने के कारण अक्सर किसानों को निराश होना पड़ता है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार एक बड़े  कार्यक्रम के तहत राज्य के चयनित किसानों को किसानी के गुर सीखने के लिए विदेश भेज रही है।

बतादें कि देश में किसानों को लेकर हमेशा से ही सरकारों की उदासीनता किसान पर भारी पडती रही है। केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें सभी किसानों के साथ छल करती आयीं हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने किसानों के लिए के बड़ा कदम उठाया है। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के चयनित किसानों को सरकारी खर्च पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर भेजेगी। किसानों की यह एक अध्ययन यात्रा होगी। जहाँ किसान जानेंगे कि विदेशों में किस प्रकार से उन्नत फसलें उगाई जाती हैं साथ ही किसानी के गुर सीखेंगे।

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राज्य के मंत्री एस पी मीना ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य से कुल 30 किसानों का चयन किया गया है। जोकि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाएंगे। बागवानी मंत्री ने बताया कि इन विदेशी दौरों से किसानों को उन्नत कृषि के गुण सीखने में मदद मिलेगी, और यह एक अध्ययन भ्रमण हैं। सरकार के इस फैसले पर विपक्ष की राय अलग है। राज्य में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता इसे सराकरी पैसे की बर्बादी बता रहे हैं।

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कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने किसानों को विदेश जाने को लेकर कहा है कि अध्ययन दौरे पर जाने वाले 30 किसानों में सिर्फ बीजेपी के पूर्व विधायक और उनके परिजनों को ही शामिल किया है। ऐसे में यह किसानों की विदेश यात्रा संदेह से भरी हुई है। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में किसानों को लेकर शिवराज सिंह की सरकार हमेशा से घिरी रही है। इसका जीता जागता मंदसौर आन्दोलन ही था। ऐसे में सरकार का किसानों को लेकर किया जा रहा है यह प्रयास कितना कारगार होगा है तो समय ही बतायेगा।  

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