Breaking News
  • मंदी से निपटने के लिए सरकार ने किए बड़े ऐलान, ऑटो सेक्टर को होगा उत्थान
  • तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में यूएई की राजधानी आबू धाबी पहुंचे मोदी
  • देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
  • 1st Test Day-2: भारत की पहली पारी 297 रनों पर सिमटी, रवींद्र जडेजा ने बनाए 58 रन

आखिर ममता से क्यों मिले राज ठाकरे, जानते हैं क्या...

कोलकाता: आपके लिए भले ही सुप्रीम कोर्ट सबसे बडी अदालत हो, जिसके फैसासे से प्रधान सेवक गद्दी भी डगमगा सकती है, लेकिन इनके लिए  नहीं है....क्योंकि ये है राज ठाकरे, कहते हैं मुंबई में हमारी ही चलती है, हालांकि बदलते भारत में इनकी चलती है या नहीं इसका अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि इनके बड़े भइया की पार्टी शिव सेना बीजेपी के साथ मिल कर सत्ता की मलाई चाभ रही है, और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे प्रमुख राज ठाकरे सत्ता विरधियों के साथ मिलकर सियासी जमीन का दायरा बढ़ाने की जुगत में लगे हैं।

आपको बाता दें कि राज ठाकरे ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय में हुई है। जहां इनके बच ईवीएम के इस्तेमाल के मुद्दे पर बातचीत हुई है। ममता से मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने कहा कि मैं चुनावों में ईवीएम के इस्तेमाल के मुद्दे पर उनसे मिलने आया था। मैंने उन्हें मुंबई में मोर्चा के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने मुझसे कहा है उनकी पार्टी लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा 'मैं हूं, ऐसा समझ लेना।'

वहीं इस दौरान जब राज ठाकरे से पूछा गया कि क्या वे ईवीएम के खिलाफ कोर्ट का रुख करेंगे तब उन्होंने कोर्ट-कचहरी को ठेंगा दिखाते हुए साफ शब्दों में कहा कि नहीं, मुझे हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयुक्त से कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि ठाकरी की सामाजिक छवि के लिहाज से उनकी प्रतिक्रिया उतनी हैरान नहीं करती, क्यों, गैर मराठियों को मुंबई से बेदखल करने की बात हो या फिर किसी और कारण से मायानगरी में अशांति का माहौल कायम करने की बात हो, राज ठाकरे के कार्यकर्ता लगभग सभी मोर्चे पर बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं।

loading...