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भारत के डॉक्टरों ने किया कमाल, चेहरे की झिल्ली से बनाया प्राइवेट पार्ट!

kgmuNEW DELHI:-  यूपी का मशहुर मेडिकल यूनीवर्सीटि केजीएमयू ने एक ऐसा कारनामा न कर दिखाया जिसके बाद यहां के डॉक्टर अब भगवान से कम नहीं माने जा रहे है। यहां के सर्जन डॉक्टरों ने मुंह की झिल्ली (म्यूकोजा) से एक 11 साल की बच्ची का जननांग (वेजिना) बनाया है। एक बार में बच्ची के मलद्वार और जननांग बना देने का देश में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है।

ऑपरेशन पद्मश्री प्रो. एसएन कुरील के नेतृत्व में टीम ने किया। डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन में बच्ची के योनि मार्ग को गर्भाशय (यूट्रस) से भी जोड़ दिया है। जिससे भविष्य में उसकी शादी होने पर वह मां भी बन सकती है। इसके अलावा उसकी योनि बनाने के लिए शरीर के बाहरी हिस्से के बजाय मुंह के म्यूकोजा (मुंह के अंदर की झिल्ली) का प्रयोग किया गया ताकि बच्ची के शरीर पर कहीं भी कटे का निशान न दिखाई दे।

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बहुत कम लोगों को होती है बिमारी

एक्सपर्ट की माने तो भारत में हर 1800 जन्मे बच्चों में एक में मल द्वार (एक्सट्रोफी ब्लैडर) बंद होने की समस्या होती है। यह समस्या बच्चे और बच्चियों में लगभग बराबर होती है। यह एक सामान्य बीमारी होती है, लेकिन कई बच्चियों में मल द्वार के साथ योनि द्वार भी बंद होता है। एक्सट्रोफी ब्लैडर से जुड़े 100 केस में किन्ही दो में ये समस्या हो सकती है। इस बीमारी को एमआरकेएच सिंड्रोम कहते हैं यह रेयर मानी जाती है। इस तरह की बीमारी का इलाज चिकित्सा विज्ञान में अभी भी चुनौतीपूर्ण है। इस तरह के मामलों में बचपन में आपरेशन के जरिए पहले मलद्वार बना दिया जाता है और जब बच्ची शादी की उम्र की हो जाती है तो योनि द्वार बनाया जाता है, लेकिन केजीएमयू ने बच्ची के मलद्वार के साथ ही जननांग भी बना दिए।

ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल था।

डॉक्टरों ने इस ऑपरेशन को करने में एंटीरियर सेजाइटल एनो रेक्टो प्लास्टी या बक्कल म्यूकोजा ग्राफ्ट वेजारनो प्लास्टी विधि का प्रयोग किया गया। इस विधि से ऑपरेशन के विदेशों में साल 2008, 2011 और वर्ष 2012 में एक-दो केस हुए हैं। भारत में इस तरह का ऑपरेशन पहली बार हुआ है। ऐसे ऑपरेशन में ये देखने को मिलता है कि जांघ या अन्य जगह की स्किन निकालकर प्रयोग की जाती है लेकिन इस ऑपरेशन में ऐसा बिलकुल नहीं हुआ है। प्रो. कुरील और डॉ. दिगंबर, डॉ. अनिल, डॉ.आनंद पांडेय सहित कई डाक्टरों की टीम ने ये ऑपरेशन 20 जून को किया था। ऑपरेशन में लगभग 8 घंटे का समय लगा। अब बच्ची बिल्कुल स्वस्थ है और सामान्य हो रही है।

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