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यह गठबंधन राज्य में इतिहास रचेगा : सतीश चंद्र मिश्रा

नोएडा : लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने के बाद एकबार फिर जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) और बसपा (बहुजन समाज पार्टी) हरियाणा में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में साथ मिलकर लड़ेंगी। जिसकी घोषणा जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला और बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। जिस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में बीएसपी 50 सीटों पर और जेजेपी 40 सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। बता दें कि हाल के लोकसभा चुनाव में जेजेपी ने आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन किया था जबकि इंडियन नेशनल लोकदल ने बीएसपी के साथ चुनावी अखाड़े में उतरने का निर्णय लिया था।  

इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान चौटाला ने कहा, ''दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं की कई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया कि जेजेपी और बीएसपी अगला विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ेंगी।'' जिस दौरान मिश्रा ने कहा कि इस गठबंधन को पार्टी सुप्रीमो मायावती का आशीर्वाद प्राप्त है। यह गठबंधन राज्य में इतिहास रचेगा। इस गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए दुष्यंत ने कहा कि राज्य के सामाजिक ताने-बाने को राज्य की वर्तमान बीजेपी सरकार ने छिन्न-भिन्न कर दिया है। यह गठबंधन सुनिश्चित करेगा कि वह राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए समाज के सभी तबकों को साथ लेकर चले।

बता दें कि जननायक जनता पार्टी, इनेलो से अलग हुआ एक धड़ा है, जिसे अजय चौटाला ने अपने छोटे भाई अभय चौटाला के साथ मतभेदों के बाद बनाया था। गौरतलब हैं कि इनेलो पार्टी का संचालन अजय चौटाला और पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के कद्दावर नेता ओम प्रकाश चौटाला कर रहें थे, जिनके जेल जाने के बाद अभय चौटाला इनेलो को चला रहे थे। पिछले साल तक इनेलो राज्य में मुख्य विपक्षी दल था लेकिन लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी के कई विधायक और अन्य नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 47 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनायी थी और कांग्रेस को हराया था जो दस सालों से सत्ता में थी। इनेलो 19 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा। आपको बता दें कि हरियाणा केंद्रित क्षेत्रीय दल इनेलो 15 सालों से ही सत्ता से बाहर है और जेजेपी के गठन के साथ पार्टी का बिखराव शुरू हो गया। 

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