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रोज रात को भेजी जाती थी 4-5 बच्चियां, सुबह रोते हुए लौटती थी!

नई दिल्ली: पिछले दिनों रविवार को देवरिया जिले के विंध्यावासिनी शेल्टर होम से भागकर एक बच्ची पुलिस थाने पहुंची और उसने शेल्टर होम के बारे में ऐसे-ऐसे खुलासे किए जिसने पुलिस के होश उड़ा दिया, वहीं जब इसकी खबर राज्य की सरकार को मिली और मीडिया में आई तो प्रदेश ही नहीं पूरे देश में हड़कंप मच गया।

बता दें कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया जब अभी बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका आश्रय गृह में बच्चियों के साथ रेप और अत्याचार को लेकर पूरा देश गुस्से में है ऐसे में देवरिया स्थित शेल्टर होम का यह मामला जले पर नमक जैसा है। यहां भी नाबालिग बच्चियों के साथ बर्बर अत्याचार किया गया है।

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मामले में जांच के बाद पुलिस की टीम ने शेल्टर होम से 24 बच्चियों को बचा लिया है,लेकिन अब भी 15 से 18 बच्चियां लापता बताई जा रही है। जिन बच्चियों को शेल्टर होम से बचाया गया है उन्हें सरकारी शेल्टर होम में रखा गया है, जहां उनसे मिलने सरकार के कुछ उच्च अधिकारी पहुंचे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान बच्चियों ने हारान कर देने वाले खुलासे किए। बच्चियों नें बताया कि होम में कुछ दिन पर कुछ विदेश आए जो अपने साथ एक बच्चा और कुछ बच्चियों को ले गए। इसके अलावा बच्चियों में बताया कि शेल्टर होम से रोज रात को लड़कियों का बाहर भेजा जाता था।

पीड़ित बच्चियों के अनुसार वहां एक दिदी रहती थी, जिन्हें लेने के लिए रात में कभी लाल तो कभी काली गाड़ी आती थी और जब सुबह वह लौटकर घर आती थीं तो काफी रोती रहती, पूछने पर कुछ भी नहीं बताती। बच्चियों के अनुसार एक पुलिस अंकल भी यहां आते थे जो कभी-कभी रात को यही रूक जाते थे।

ये महिला करती थी बच्चियों पर अत्याचार!

अब यहा बड़ा सवाल है कि आखिर इन बच्चियों को कहा और किसी लिए भेजा जाता था? और ये बच्चियां किसी पुलिस अधिकारी की बात कर रही हैं। बताया जाता है कि बच्चियों को जब उस पुलिस अधिकारी की तस्वीर दिखाई गई तो उन्हेंने उसे पहचान लिया, हालांकि फिलहाल उसके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

मामले में संस्था की संचालिका, उसके पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं इस संस्था को लेकर एक और खुलासा हुआ है कि संस्था को बैन किए जाने के बाद भी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए इस चलाया जा रहा था। बताया जाता है कि संस्था का लाइसेंस साल 2017 में ही रद्द कर दिया गया और मामले की सीबीआई जांच में गड़बड़ी के खुलासे के बाद भी शेल्टर होम अवैध तरीके से चल रहा था।

मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सामाजिक सेवा संस्थान नाम के इस संस्ता के खिलाफ अनियमितताओं को लेकर सीबीआई जांच चल रही थी, जिसके कारण आर्थिक अनुदान भी बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी संस्था की संचालिका हाईकोर्ट की धमकी देकर संस्था चला रही थी।

संबंधि अधिकारी के अनुसार संस्था में अनिमियता पाए जाने के बाद सरकार ने यहां से बच्चों को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था, लेकिम महिला संचालिका ने ऐसा नहीं करने दिया और जबरन तरीके से बच्चों को वहां रखा गया।

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