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सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग- आयोग ने जारी किया नया पेन, जाने क्या है खास...

नई दिल्ली: सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंक किया जाएगा, इससे पहले चुनाव आयोग वोटिंग से संबंधित कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत आयोग ने कहा कि वोटिंग के दौरान सांसद और विधायक अपने पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकते है। मतदान करने वाले सदस्यों को मतदान केंद्र पर ही एक खास पेन दिया जाएगा।

आयोग के अनुसार सिर्फ इस पेन से किया गया वोट ही मान्य होगा, जिसे सभी जगहों पर भेज दिया गया है। मतदान करने वाले सदस्यों को यह पेन मतदान केंद्र पर ही दिया जाएगा, और फिर मतदान के बाद सदस्य इस पेन को संबंधित कर्मचारी या अधिकारी को लौटा देंगे।

जानकारी के अनुसार आयोग ने इस पेन को उसी मैसूर पेंट्स से खरीदा है जहां से आम चुनावों के दौरान वोट डालने वालों के उंगलियों पर लगाई जाने वाली अमिट स्याही खरीदा जाता हैं। बताया जाता है कि इस पेन का एक अनोखा नंबर होता है, जो इसकी गोपनियता को खास बनाता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग के दौरान हुए बवाल के बाद आयोग ने यह नया तरीका अपनाया है। गौर हो कि पिछले साल सितंबर में कांग्रेस के 14 विधायकों के मत अवैध करार दे दिए गए थे, क्योंकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर प्रदान की गई पेन की जगह किसी और पेन से मतदान कर दिया था।

चुनाव में कुल 776 सांसदों और 4,120 विधायकों को वोटिंग करना है। जिसके बाद वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी। इस साल राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 32 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से एक मतदान केंद्र संसद भवन में भी हैं। संसद के कमरा नंबर 62 में एक मतदान केंद्र बनाया गया है, तो वहीं सभी राज्यों के विधानसभा में भी एक-एक मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

सही तरीके वोटिंग कराने के लिए आयोग ने 33 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। जिनमें से दो पर्यवेक्षक संसद भवन वाले मतदान केंद्र पर और सभी विधानसभा में बने केंद्रों पर एक-एक पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी। वोटिंग में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र भी दो रंग के होंगे। इस क्रम में हरे मतपत्र पर सांसद और गुलाबी रंग के मतपत्र पर विधायक अपने वोट डालेंगे।

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