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पश्चिम बंगाल के गृहसचिव अत्रि भट्टाचार्य पर चुनाव आयोग का खुलासा

पश्चिम बंगाल में लगातार हो रहें हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने भी अपना रौद्र रूप दिखाते हुए दे दनादन ऐसे कई कदम उठा लिये जिससे बंगाल सरकार में हड़कंप मच गया। और ममता सरकार ने आयोग के इस कदम को बीजेपी का षड्यंत्र बताया। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने यह कदम बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा टीएमसी पर दर्ज किये गये आपत्ति के बाद हुआ था। दरअसल बात यह है कि मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान पश्चिम बंगाल में जमकर हिंसा हुआ था। जिसके बाद चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी। इस शिकायत के दो दिन बाद आयोग ने ममता सरकार के दो करीबी अफसरों को हटा दिया। जिससे ममता भड़क गई।

 

आखिर कौन हैं वो अफसर

वो अफसर है बंगाल के प्रधान सचिव (गृह) अत्रि भट्टाचार्य और सीआईडी के ADG राजीव कुमार। राजीव कुमार वही पुलिस अफसर हैं जो इससे पहले कोलकाता के पुलिस कमिश्नर थे और जिनके घर पर सीबीआई ने रेड मारा था।

गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य पर सफाई देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि हम जब भी भट्टाचार्य को कोई आदेश दिया करते थे, वे उसका पालन न कर हमें ही निर्देश दिया करते थे। जिस कारण इन्हें पद से हटाया गया। इससे पहले राज्य के गृह सचिव ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि राज्य में सैन्य पुलिस बलों को किस प्रकार तैनात करना चाहिए। चुनाव में सीआरपीएफ को तैनात करने की अच्छी खबर नहीं है। आप 12 मई की उस घटना को जानते होंगे जब सीआरपीएफ द्वारा चुनाव के दौरान फायरिंग करने की घटना सामने आई थी। इसके साथ ही कतार में खड़े मतदाताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और लाठी चार्ज करने की भी खबरें आई थी।

वहीं राज्य सरकार के अनुसार बंगाल में शाह के रोड शो के दौरान हिंसा को लेकर बीजेपी नेता तेजिंदरपाल सिंह बग्गा को सीआईडी ADG राजीव कुमार द्वारा गिरफ्तार करने पर कुमार का ट्रांसफर किया गया। बग्गा उस जगह मौजूद थे, जहां यह हिंसा हुई थी। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया था।

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार राजीव को 16 मई को सुबह 10 बजे तक रिपोर्ट करना है। वहीं आयोग ने राजीव के स्थान पर इस पद का जिम्मा मलय कुमार को दिया है।   

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