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आज इन राज्यों के अस्पताल में नहीं दिखेंगे डॉक्टर!

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों पर हुआ हमला अब विरोध प्रदर्शन से हटकर धीरे-धीरे राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिसे राजनीतिक रूप देने का काम किया हैं TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने। उन्होंने डॉक्टरों पर किए गए हमले को बीजेपी की साजिश बताया है। फेसबुक पर किए गए पोस्ट उन्होंने लिखा है कि NRS अस्पताल में जो भी हुआ वह गलत था, मैंने अपने मंत्री को भी भेजा था। लेकिन डॉक्टर मान नहीं रहे हैं, इसकी वजह से मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बंगाल को सांप्रदायिक माहौल में झोंकना चाहते हैं। जिसके बाद उन्होंने बीजेपी पर ही डॉक्टरों को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल ममता बनर्जी सरकार की मुफ्त चिकित्सा सेवा योजना को बंद कराना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने  डॉक्टरों पर भी बड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष निर्मल माजी ने गुरुवार को कहा कि हड़ताली डॉक्टर अगर काम पर नहीं लौटे तो उनका पंजीयन रद्द हो सकता है और उनका इंटर्नशिप पूरा होने का पत्र रोक दिया जाएगा। ममता सरकार के इस रवैये से यह आग और भड़क गया, जिसने लगभग पूरे देश में डॉक्टरों को एक छत के नीचे लाकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर कर दिया।

 

जिसमें दिल्ली, यूपी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पटना समेत देश के कई हिस्सों के डॉक्टर शामिल हो गए और उन्होंने काम करने से मना कर दिया। DMA की ओर से शुक्रवार दोपहर दिल्ली के राजघाट के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी।

बता दें कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने आज दिल्ली में हड़ताल बुलाई है, जिसका असर AIIMS जैसे बड़े अस्पतालों में भी देखने को मिल रहा है। वहीं मुंबई में भी डॉक्टरों ने काम करने से मना कर दिया है। मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि वह साइलेंट प्रोटेस्ट करेंगे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। आपको बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन को लेकर कई जगहों पर तो डॉक्टरों ने नारेबाजी और प्रदर्शन करना भी शुरू कर दिया है।

 

क्या है मामला

आपको बता दें कि ये घटना 10 जून करीब साढ़े पांच बजे की है। जब नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय शख्स की मौत हो गई। जिससे गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां देना शुरू कर दी। परिजनों के इस व्यव्हार से डॉक्टर भी आक्रोशित हो गए, जिसके बाद उन्होंने कहा- जब तक परिजन हमसे माफी नहीं मांगते हम प्रमाण पत्र नहीं देंगे।

डॉक्टरों के इस रवैये से परिजन और भी आक्रोशित हो गए, जिससे यह हिंसा और भी भड़क और भीड़ ने हथियारों के साथ हॉस्टल में हमला कर दिया। इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जबकि कई और चोटिल भी हुए।

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