Breaking News
  • नये ट्रैफिक नियमों में बढ़े हुए जुर्माने के खिलाफ हड़ताल पर ट्रांसपोर्टर्स
  • यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने किया है हड़ताल का आहवाहन
  • महाराष्ट्र दौरे पर पीएम मोदी, नासिक से करेंगे चुनाव प्रचार अभियान का आगाज
  • साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 7 विकेट से जीता भारत

मॉब लिंचिंग पर कानून बनने के बावजूद भी लिंचिंग की शिकार हुई बंगाल, एक युवक की मौत

नोएडा : देशभर में इन दिनों मॉब लिंचिंग की घटनाएं अपने चरम पर है, हालांकि सरकार इस घटनाओं को रोकने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रही है। यहां तक की पश्चिम बंगाल विधानसभा से भी एक विधेयक पारित किया। जिससे इन घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकें। लेकिन बावजूद इसके सरकार के सभी प्रयास नाकाम हो रहे हैं। एक बार फिर आसनसोल में भीड़ का भयावह चेहरा देखने को मिला। यहां सलानपुर में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने युवक को मौत के घाट उतार दिया।

जानकारी के मुताबिक, सुबह स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़ा और आरोप लगाया कि वो बच्चे का अपहरण करने की कोशिश कर रहा था। फिर क्या था आक्रमक भीड़ युवक की पिटाई करने लगी। भीड़ इतना क्रूर था कि उन्होंने उस आदमी को मौके पर ही मार दिया। वहीं जब खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को बचाने की कोशिश की तो पुलिस के कुछ लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार हो गई। वहीं अब पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

आपको बता दें कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा ने भीड़ द्वारा हमला करने और लिंचिंग करने की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक विधेयक पारित किया गया है। जिसके बाद लिंचिंग समेत हमले की घटना को अपराध की श्रेणी में डाला गया है। इस कानून में मारपीट और पीड़ित को घायल करने के अपराध पर तीन साल कारावास से लेकर आजीवन कैद तक का प्रावधान किया गया है। विधेयक में कहा गया है कि यदि ऐसी मारपीट में पीड़ित व्यक्ति की जान चली जाती है तो इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को मृत्युदंड या आजीवन सश्रम कारावास और पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है।

loading...