Breaking News
  • भागलपुर: सरकारी खाते से राशि की अवैध निकासी मामले की CBI जांच, सीएम ने दिया निर्देश
  • आयकर विभाग ने लालू की बेटी मीसा भारती और उनके पति को पूछताछ के लिए बुलाया
  • उत्तर प्रदेश: 7,500 किसानों को सौंपा गया कर्ज माफी प्रमाण पत्र
  • स्पेन: बार्सिलोना आतंकी हमले में 13 की मौत, 2 संदिग्ध गिरफ्तार
  • तमिलनाडु: पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जे. जयललिता की मौत की जांच के आदेश
  • जम्मू-कश्मीर: आतंकी फंडिंग के मामले में व्यापारी ज़हूर वताली गिरफ्तार

अब नहीं चाहिए किसी कांग्रेसी को ‘दिग्विजय की राय’

भोपाल: राहुल गांधी के सलाहकार और कांग्रेस के चाणक्य कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और महासचिव दिग्विजय सिंह का कांग्रेस में लगातार कद घटता ही जा रहा है। मंगलवार को पार्टी ने उनसे तेलंगाना का भी प्रभार वापस ले लिया। जिसके बाद वह सिर्फ अब एक ही राज्य के प्रभारी रह गये हैं।

कांग्रेस में बदलाव की राय देने वाले एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस के जाने माने नेता दिग्विजय सिंह के दिन गर्दिश में चल रहे हैं। कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने के लिए सिंह ने ही बदलाव की मांग की थी जिसके बाद पार्टी सारे प्रयोग उन्हीं के ऊपर कर रही है। राहुल के सलाहकार माने जाने वाले पार्टी के ताकतवर नेता, दिग्विजय सिंह के पास अब सिर्फ पार्टी महासचिव के रूप में आंध्रप्रदेश ही राज्य का प्रभार रहेगा। मंगलवार को पार्टी ने बड़ा फेरबदल करते हुए दिग्विजय सिंह से तेलंगाना राज्य का प्रभार लेकर आरसी खूंटिया को सौंप दिया गया।

सत्ता के समय और सत्ता के बाद दिग्विजय सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। सिंह को तीखा बोलने के लिए भी जाना जाता है। 2009 में यूपी में पार्टी की 22 सीटें आने पर उनके सर पर सेहरा बांधा गया था। वहीँ 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के दौरान उनके पर भी कतर दिए गये थे। इसी कड़ी में 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस नेस्तानाबूद हो गयी, जिसक बाद यह नेता गर्दिश में चला चला। 2014 की हार के बाद पार्टी के भीतर बदलावों की मांग तेज हुई, इस दौरान दिग्विजय ने सोनिया से राहुल को पार्टी नेत्रत्व की बागडोर देने को कहा था। इसके साथ ही संगठन में नए चेहरों को जगह देने की मांग करके पार्टी में नयी ऊर्जा भरने तक दिग्विजय सुर्ख़ियों में रहे थे। 

loading...

Subscribe to our Channel