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“फर्जी बाबओं के लिस्ट में रामदेव का नाम नहीं रखा, निराशा हुई”

भोपाल: रेप के आरोप में राम रहीम को जेल की सजा होने के बाद से देश भर में ढोंगी बाबओं की चर्चा जोरो पर चल रही है। ऐसे बाबाओं से भोली-भाली जनता को बचाना के लिए एक तरह से मुहीम की शुरूआत हो चुकी है, तो वहीं राजनेता यहां भी अपनी राजनीति चमकाने के प्रयासों में लगे हैं। दरअसल अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने रविवार को 14 फर्जी बाबाओं की सूची जारी किया है।

इस सूची के जारी होने के एक दिन बाद सोमवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता/महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि “इस लिस्ट में बाबा रामदेव का नाम न देखकर निराशा हुई”। बता दें कि सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए जिसमें फर्जी बाबओं की लिस्ट भी शामिल हैं।

अपने ट्वीट में सिंह ने लिखा कि “सम्माननीय अखाड़ा परिषद ने इस सूची में बाबा रामदेव का नाम नहीं रखा, निराशा हुई, पूरे देश को ठग रहा है, नकली को असली बताकर बेच रहा है”, एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैं “सम्माननीय अखाड़ा परिषद से पूछना चाहता हूं, क्या मनु स्मृति में किसी भगवा वस्त्र पहनने वाले को व्यापार करने की स्वीकृति है?"

इसके सथ ही उन्होंने लिखा कि, "मैं सम्माननीय अखाड़ा परिषद से विनम्र अनुरोध करूंगा कि वे इस सूची में बाबा रामदेव का नाम भी जोडें, अन्यथा यही मानूंगा कि वे भी रामदेव के धन से प्रभावित हो गए"। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह के नाम के साथ पहले भी कई तरह के विवाज जुड़ चुके हैं, इससे पहले उन्होंने कई विवादित बयान दिए है, जिसपर देश भर में हंगामा मच चुका है, ऐसे में उनक् इस नए ट्वीट के बाद भी बवाल खड़ा हो सकता है।

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