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राहुल गांधी को ‘मायावी झटका’- यहां ताश के पत्तों की तरह बिखर गई कांग्रेस

नई दिल्ली: साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव का आयोजन किया जाएगा। इन चुनाव में अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल लगातार इस राज्य से उस राज्य तर ‘धूल फांक’ रहे हैं। लेकिन लाख जनत के बाद भी राहुल को समय के अनुसार ऐसे झटके मिलते रहे हैं जिसका सीधा असर चुनावी परिणाम पर पड़ता है।

इस बीच लोकसभा चुनाव और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी को एक और बड़ा झटका उसी बसपा ने दिया है जिसकी बीन कांग्रेस पार्टी के कई नेता बजाते रहे हैं। बता दें कि एक ओर राहुल गांधी समेत अन्य कई कांग्रेस नेता विपक्ष एकता का राग आलपते नहीं थकते, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ में विपक्ष के एक मजूबत साथी मायावती की पार्टी बसपा ने दिया है।

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गौर हो कि बसपा अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस की बजाय कांग्रेस से बगावत करने वाले अजीत जोगी के साथ गठबंधन कर छत्तीसगढ़ के चुनाव मे दाव खेलने के फैसला किया है। मायावती का यह फैसला राजनीतिक रूप से राहुल गांधी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। हालांकि राहुल के लिए झटका नया नहीं है वह इससे पहले कर्नाटक, हरियाणा, झारखंड और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों में अन्य दलों को अपना सहयोगी बनाने में नाकान रहे हैं।

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चुनावी मौसम में सहयोगियों के अलग होने का खामियाजा राहुल गांधी को हार से चुकाना पड़ा है। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस पार्टी को बसपा का साथ न मिलाना भी कांग्रेस के लिए बड़ा झटका दिख रहा है। जिसका असर साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।

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बता दें कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कमलनाथ सार्वजनिक रूप से बसपा के साथ गठबंधन करने की इच्छा कई बार जाता चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी अंतिम दौरा में कांग्रेस पार्टी फेल रही है और ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ में हुआ है। हालांकि अभी चुनाव में थोड़ा वक्त और बाकी है ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने अब भी आश की सांस नहीं छोड़ी है।

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