Breaking News
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट में आज चार नए जजों को दिलाई शपथ
  • ह्यूस्टन में हाउडी मोदी कार्यक्रम की सफलता पर भड़का पाकिस्तान
  • आर्मी चीफ बिपिन रावत का बयान, पाकिस्तान ने बालाकोट में आतंकी कैंपों को फिर से सक्रिय कर दिया है
  • गृह मंत्री ने कहा कि कहा कि 2021 की जनगणना में मोबाइल एप का प्रयोग होगा

लोकसभा चुनाव के नतीजे से पहले मध्य प्रदेश में तख्तापलट? BJP ने लिखा राज्यपाल को खत

भोपाल: लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें चरण का मतादन खत्म होने के एक दिन बाद ही सोमवार को कांग्रेस शासित रज्य मध्य प्रदेश में बड़ी सियासी हलचल दिख रही है। सियासी महासमर के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल से उत्साहित भाजपा को मध्य प्रदेश बड़ी सफलता की उम्मीद दिख रही है। वहीं बीजेपी का दावा है कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में शामिल कई विधायक सरकार के नाराज है। सरकार के पास सत्ता में रहने के लिए प्रायाप्त समर्थन नहीं है।

बीजेपी ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी राज्य विधानसभा में बहुतम पेश करे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सत्र बुलाने की मांग की है। भर्गव का दावा है कि राज्य सरकार अल्पमत में है। आपको बता दें कि सतवें चरण की वोटिंग के दौरान दिग्गज बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद कमलनाथ (मध्य प्रदेश सीएम) 22 दिन तक मुख्यमंत्री रहेंगे ये नहीं, यह भी एक गंभीर सवाल है।

वहीं अब बीजेपी ने सार्वजनिक तौर पर मध्य प्रदेश में तख्तापलट के संकेत दिए हैं। आपको बता दें कि राज्य में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं। इस लिहाज से सरकार बनाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है। हालिया विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी। जबकि बीजेपी के खाते में 109 सीटें आई थी। वहीं बसपा को दो सीटें और सपा को एक सीट मिली थी जबकि चार सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती थी।

मौजूदा समय में राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस सरकार को सपा-बसपा और निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। लेकिन बीजेपी का दावा है कि राज्य में कांग्रेस की लोकप्रियता तेजी से घटी और कई ऐसे विधायक हैं जो सरकार के नाराज चल रहे हैं। वे सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाह रहे हैं।

loading...