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‘बीजेपी के निरहू’ ने कर दी बड़ी गलती!

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के सियासी महासमर में भाजपा व कांग्रेस समेत तमाम छोटी-बड़ी पार्टियों के नेता चुनावी प्रचार-प्रसार में पसीना बहा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से चुनावी रण में कूदे भोजपुर स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को चुनाव प्रचार की जगह कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे।

गौर हो कि चुनावी समर में नेता मुख्यत: कलेक्ट्रेट ऑफिस नामांकन दाखिल करने के लिए जाते हैं। जबकि  निरहुआ ने पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। ऐसे में उन्हें कलेक्ट्रेट ऑफिस में देख लोग काफी हैरान हो रहे थे। जबकि असम में हैरानी जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि निरहुआ यहां अपनी गलती सुधारने पहुंचे थे।

दरअसल, निरहुआ ने जो हलफनामा अपने नामांकन में दिया था, उसमें उन्होने अपने ऊपर मुकदमे का जिक्र नहीं किया था। वहीं मामला सामने आने के बाद विपक्ष इसे मुद्दा बना रहा था। जिसके बाद आज निरहुआ कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपने हलफनामे का संसोधन करवाते हुए अपने उपर दर्ज मुकदमें का जिक्र किया है।

संसोधन के बाद निरहुआ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे सहयोगी ने बताया था कि मामला खत्म हो गया है। लेकिन जब पता चला कि रिपोर्ट नही लगी है तो मैंने फिर से उसे हलफनामें में लगा दिया। विपक्षियों द्वारा इस मामले को मुद्दा बनाने के सवाल के जवाब पर निरहुआ ने कहा कि विपक्षियों के पास कोई मुद्दा नही है। उनको भी कुछ मुद्दा चाहिए, क्योंकि नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने से वह रोकना चाहते है जबकि पूरा देश उन्हें पीएम बनाना चाहता है।

आपको बता दें कि आजमगढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार निरहुआ का मुकाबला समाजवादी पार्टी के युवा प्रमुख अखिलेश यादव से है। यह क्षेत्र समाजवादी पार्टी के लिए गढ़ माना जाता है, जहां से अखिलेश यादव की जीत पक्की मानी जा रही है। लेकिन निरहुआ को उम्मीद है कि वे पीएम मोदी के लिए ये सीट निकाल सकते हैं और इसी उम्मीद में बीजेपी ने भी पहली बार राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे निरहुआ पर दांव खेलने का फैसला किया है।

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