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ममता पर भारी पड़ रहा है ‘जय श्री राम’ पर निर्ममता

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा। लोकसभा चुनाव के पहले से ही जारी दोनों दलों के बीच सियासी घमासान चुनाव खत्म होने के बाद भी जारी है। दरअसल, एक ओर लोकसभा चुनावों में हार का सामना करने वाली तृणमूल कांग्रेस के जख्मों पर नमक छिड़कती दिख रही है।

लोकसभा चुनाव के दौरान से ही बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच ‘जय श्री राम’ पर जुबानी जंग छिड़ी है। एक बीजेपी कहती है जय श्री राम हिंदुस्तान में नहीं कहेंगे तो क्या पाकिस्तान में कहेंगे, वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी जय श्रीराम कहने वालों की चमड़ी उतार लेने की चेतावनी दे रही हैं।

इन सभी मामलों के बीच लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतने वाली भाजपा ने ममता के जख्मों पर नमक लगाते हुए जय श्री राम लिखा दस लाख पोस्टकार्ड भेजने का फैसला किया है। जबकि इधर बीजेपी के सांसद साक्षी महाराज ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ‘धार्मिक वार’ किया है।

जय श्रीराम पर ममता के रूख से नाराज महाराज ने कहा कि बंगाल का नाम आते ही त्रेता युग की याद आती है, जब राक्षस राज हिरण्य कश्यप ने जयश्री राम बोलने पर अपने बेटे को जेल में डाल कर यातनाएं दी थीं। बंगाल में ममता भी यही कर रही हैं, जयश्री राम बोलने पर जेल में डाल रही हैं और यातनाएं दे रही हैं।

साक्षी महाराज यहां भी नहीं रूके और ममता को हिरण्य कश्यप के खानदान के होने की बात कहा डाली। साथ ही उनके शासन पर सवाल खड़े किए और कहा कि ममता का शासन अलगाववाद से कम नहीं है। इससे बंगाली आहत हैं और इसका खामियाजा ममता को भुगतान पड़ेगा। बंगाल में बीजेपी  की बढ़ती ताकत का आभास दिलाते हुए महाराज ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी, लोगों को इस कुशासन से छुटकारा दिलाएगी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल से बीजेपी के नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन सिंह ने ममता बनर्जी के आवास पर 10 लाख जय श्रीराम लिखे पोस्टकार्ड भेजने की बात कही थी।

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