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ज़िंदा नहीं मरने के बाद भी ‘सरकार’ के लिए मुसीबत बना यह गैंगेस्टर!

जयपुर: हाल ही के दिनों में राजस्थान पुलिस ने कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया था। लेकिन अब पुलिस और राज्य सरकार आनंदपाल का एनकाउंटर गले की फांस बन गया है। बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्श के बाद राज्य सरकार ने पूरे मामले पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।

राजस्थान की वसुंधरा सरकार के लिए आनंदपाल ज़िंदा में तो चुनौती था ही, उसके मारे जाने के बाद भी वह सरकार और प्रशासन के लिए मुसीबत बना हुआ है। आनंद्पाल के परिजन और समर्थक एनकाउंटर पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। साथ ही सीबीआई जाँच की मांग पर अड़े हुए हैं।

बुधवार को नागौर के सांरवदा गांव में आनंदपाल श्रद्धांजलि सभा में जमकर बवाल हुआ। इस दौरान पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया। जिसमें कई पुलिसवालों के घायल हो गये हैं। वहीं पुलिस की ओर से की गई कई राउंड फायरिंग में एक की मौत हो गई।

हालात को देखते हुए पूरे क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गयी है। आनंदपाल के समर्थन में उमड़ी भीड़ लगातार एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं परिजनों ने पहले तो आनंदपाल के शव को लेने से ही मना कर दिया था लेकिन बाद में शव को ले लिया। वहीँ बुधवार को हुए प्रदर्शन पर राज्य की वसुंधरा सरकार ने हाई लेबल की मीटिंग बुलाई है। सरकार ने हालात से निपटने के लिए अधिकारियों से चर्चा की, साथ ही शन्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपील की।   

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