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जानिए वैश्विक बाजार में तेजी के बावजूद तेल तिलहन मंडी में गिरावट क्यों

नई दिल्ली: भारत सरकार दावों और विदेशों में सुधार के रुख के बावजूद शनिवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों और मूंगफली सहित विभिन्न तेल तिलहन की कीमतों में गिरावट का रुख देखने को मिला। वायदा कारोबार में भाव टूटने से हाजिर कारोबार में भी तेल तिलहन कीमतों में हानि दर्ज हुई।

सरसों और सरसों तेल दादरी के भाव क्रमश: पांच रुपये और 10 रुपये टूटकर 3,910- 3,930 रुपये और 7,840 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुये। वनस्पति घी भी 10 रुपये की हानि के साथ 915-1,165 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ। सस्ते आयात के कारण मांग घटने से मूंगफली दाना 10 रुपये की हानि के साथ 4,645-4,795 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बावजूद भी स्थानीय मांग फीकी होने से तेल सोयाबीन मिल डिलीवरी दिल्ली और तेल सोयाबीन इंदौर के भाव भी क्रमश: 10 रुपये और 20 रुपये की हानि के साथ 8,030 रुपये और 7,820 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। मांग प्रभावित होने से कच्चा पाम तेल (सीपीओ) एक्स-कांडला 20 रुपये की हानि दर्शाता 5,520 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।

बताया जाता है कि पर्याप्त स्टॉक के बीच मांग टूटने से पामोलीन आरबीडी दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल की कीमतें क्रमश: 20 रुपये और 10 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 6,800 रुपये और 6,140 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।

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