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नयी दिल्ली: देश में जीएसटी लागू होने के बाद तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं। लोगों को जानकारी के अभाव में कोई दिक्कत न हो इसके लिए केंद्र सरकार बड़े कदम भी उठाने पर विचार कर रही है। जीएसटी को लेकर पूर्ण जानकारी ही भारत को तरक्की की राह में आगे ले जा सकता है।

जीएसटी को लेकर जारी वित्तमंत्रालय ने बताया कि देश में जीएसटी लागू होने से शिक्षा व्यवस्था पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। सरकार ने साफ किया कि जीएसटी के तहत शिक्षा महंगी नहीं होगी। इसका कारण हायर सेकेंडरी तक की स्कूली शिक्षा को दी गई छूट है। मंत्रालय के बयान के अनुसार शिक्षा को जीएसटी से दूर रखा गया है। इसी के साथ शिक्षण संस्थानों से जुड़े अधिकतर सेवाओं को भी जीएसटी में छूट है।

शिक्षा महंगी होने की रिपोर्ट खारिज करते हुए एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, हायर सेकेंडरी तक शिक्षण संस्थानों में मिड डे मिल योजना के साथ-साथ सुरक्षा, साफ-सफाई सेवाओं को भी जीएसटी से छूट दी गयी है। मंत्रालय ने कहा की जीएसटी को लेकर कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं उनसे लोगों को बचाना होगा, ऐसे में सवाल उठता है कि अज्ञानता बस शिक्षा के क्षेत्र में जीएसटी का पहाड़ा पढ़ा कर लोगों को लूटा भी जा सकता है।

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ऐसी स्थित से निपटने के लिए सरकार जीएसटी क्लीनिक भी खोने जा रही है। जहाँ से जीसेती को लेकर पूरी जानकारी लोगों को मुहैया कार्यो जाएगी। साथ ही वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, जीएसटी के अंतर्गत शिक्षा से जुड़े किसी भी विषय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके उलट स्कूल बस्ता जैसी शिक्षा से संबद्ध चीजों पर टैक्स की दरें कम की गयी हैं। जिससे इनकी कीमतों में कमी आना संभव है। 

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