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RBI ने दी राहत, अब नहीं महंगा होगा होम लोन, पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली : आरबीआई के जिस कदम को लेकर आशंकाएं का बादल छाये हुए थे, आरबीआई ने इस धुंध को हटाते हुए यह साफ कर दिया कि अभी रिजर्व बैंक रेपो रेट में बदलाव करने के मूड में नहीं हैं। आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी के अंतर्गत अपने किसी नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। जिससे अब रेपो रेट अपने पुन: पुराने रेट पर स्थिर हैं यानी 6.5 पर। इसके अतिरिक्त रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी पर बरकरार है।   आरबीआई ने अपने कैश रिजर्व रेश्यो में भी कोई बदलाव नहीं (4 फीसदी ) किया है। इससे यह स्पष्ट है कि बैंकों को आपके होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी।

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जीडीपी ग्रोथ अनुमान

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी के बीच रहने के अपने अनुमान को बरकरार रखा है। इसके अलावा अक्टूबर से मार्च अवधि के दौरान जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी से 7.3 फीसदी के बीच रहने का अनुमान दिया।

महंगाई का अनुमान

चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही यानी अक्टूबर से मार्च के दौरान महंगाई दर 2.7 से 3.2 फीसदी रहने का अनुमान किया गया है। इसके अलावा आरबीआई के अनुसार अगले वित्त वर्ष की छमाही में यह 3.8 से 4.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है।

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आपको बता दें कि रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की 3 दिन तक चलने वाली बैठक बुधवार यानी 3 दिसंबर से शुरू हुई थी। जिसकी अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने की थी।

आरबीआई क्रेडिट पॉलिसी की मुख्य बातें

बैंक दर 6.75 पर स्थिर रखी गई है।

वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही के दौरान विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान, इसमें गिरावट भी आ सकती है।

रबी फसलों की कम बुवाई से कृषि, ग्रामीण मांग पर ऋणात्मक असर पड़ने की आशंका है।

वित्तीय बाजार के उतार-चढ़ाव, कमजोर ग्लोबल मांग और व्यापार तनाव बढ़ने से आयात के लिये जोखिम बढ़ेगा।

बता दें कि मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 5- 7 फरवरी 2019 को होगी।

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