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SC ने कहा पानी सर के ऊपर बह चुका है, टुकड़ों में बेच दो सहारा का ड्रीम प्रोजेक्ट

 

नई दिल्ली: सहारा सेबी मामले में सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय सहारा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को बाम्बे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर को सुप्रीम कोर्ट (एससी) ने सहारा समय के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले मुंबई के एंबी वैली को टुकड़ों में बेचने की मंजूरी दे दी है।

बतादें कि बाम्बे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त लिक्विडेटर ने एससी से सहारा ग्रुप के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले ऐंबी वैली को टुकड़ों में बांटकर नीलाम करने की इजाजत मांगी थी, जिसपर एससी की तीन सदस्यीय जजों की बेंच ने लिक्विडेटर की मांग को मान लिया है। बुधवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस ए. के सीकरी की स्पेशल बेंच ने इस मामले पर लिक्विडेटर की मांग को स्वीकार करते हुए वैली को टुकड़ों में बांटकर नीलामी की मंजूरी दे दी है।

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बताया जा रहा है कि अभी तक एंबी वैली को कोई खरीददार नहीं मिला है, कारण यह भी है कि एंबी वैली की कीमत हजारों करोड़ में है, ऐसे में इतने बड़े प्रोजेक्ट को कोई जल्दी नहीं खरीद सकता है। जिसके बाद लिक्विडेटर ने एससी से वैली को टुकड़ों में बेचने की मांग की थी। वहीँ स्पेशल बेंच ने अपने आदेश में ऐंबी वैली को टुकड़ों में चल-अचल संपत्तियों की नीलामी के लिए सहमति दे दी है।
ज्ञात हो कि सहारा और सेबी के बीच निवेशकों के 24 हजार करोड़ का मामला एससी में चल रहा है। सहारा की संपत्ति बेचकर यह पैसा के भरपाई की जा रही है। जिसके सपत्ति बेचकर सहारा को सुप्रीम कोर्ट में 9 हजार करोड़ की पहली क़िस्त जमा करवानी है। वहीँ एंबी वैली की बिक्री के लिए कोई भी ग्राहक नहीं मिला रहा है, लेकिन लिक्विडेटर ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट को टुकड़ों में बेचा जाता है तो इसके खरीददार मिल जायेगे। बताया जा रहा है कि में हवाई पट्टी, होटल सहित आदि पर देश की दो कम्पनियाँ महिंद्रा और परिमल ग्रुप ने खरीददारी की इच्छा जताई है।   
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