Breaking News
  • सोनभद्र जाने पर अड़ी प्रियंका गांधी, धरने का दूसरा दिन
  • असम और बिहार में बाढ़ से 150 लोगों की गई जान, 1 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित
  • इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पीएम मोदी को जारी किया नोटिस, 21 अगस्त को सुनवाई
  • कर्नाटक पर फैसले के लिए अब सोमवार का इंतजार

सीतारमण ने बदली परंपरा, सुब्रमण्यम ने कहा, ‘यह बजट नहीं है, यह बही खाता है’

नई दिल्ली : देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को मोदी 2.0 को अपना बजट पेश कर रही है। लेकिन इससे पहले उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसने सबको चौंका दिया। दरअसल बात यह है कि निर्मला सीतारमण अपने वरिष्ठ अफसरों और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बज़ट अप्रूवल के लिए रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे। उसके बाद वो वहां से संसद के लिए रवाना हुई। पर जो दृश्य लोगों को अनायास खिंच रहा था वो था बजट का लेदर ब्रीफकेस के बजाय लाल रंग के मखमली कपड़े में होना।

अगर हम पुराने वित्त मंत्रियों की बज़ट पेश करने वाली तरीके को याद करें तो जो तस्वीर जेहन में आती हैं उनमें ब्राउन कलर का अटैची ही दिखती रही है। लेकिन इस बार लाल रंग के मखमली कपड़े में बजट दिखा। इस एक बड़ा बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आपको बता दें कि भारत में बहीखाता को लाल रंग के कपड़े में बांध कर रखने की परंपरा रही है। वहीं दफ्तरों में भी कागजातों को लाल रंग के कपड़े में बांधकर रखने की परंपरा है।   

 

समाचार एजेंसी एएनआई से वार्ता में मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से हमारे मुक्त होने का संकेत है। यह बजट नहीं है, यह बही खाता है।

 

बता दें कि, ब्राउन कलर की इस अटैची का बजट से बड़ा पुराना संबंध है, जो 1860 से बना। बजट फ्रांसीसी शब्द 'बॉगेटी' से बना है, जिसका अर्थ लेदर बैग होता है। संसद में पहली बार 1860 में ब्रिटेन के 'चांसलर ऑफ दी एक्सयचेकर चीफ' विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे।जो  ब्रिटेन की महारानी ने बजट पेश करने के लिए लेदर का यह सूटकेस खुद ग्लैगडस्टमन को दिया था। तभी से बज़ट को सूटकेस में पेश करने की परंपरा चली।

loading...