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जून में घटकर इतनी रह गयी थी महंगाई दर: आपकी थाली हुई सस्ती!


नई दिल्ली: देश में नोटबंदी के बाद तह पहला मौका आया है जब आपकी तहकी का भाव कम हुआ है। सीएसओ द्वारा जारी आकड़ो में इसबात का दावा किया जा रहा है कि जून के माह में आपकी थाली सस्ती थी, भले ही इसका आपको अंदाजा भी न लगा हो लेकिन यह सत्य है।  

बतादें कि महंगाई जोड़-तोड़ निकालने वाली सीएसओ ने दवा किया है कि जून में महंगाई कम रही है। मई के दौरान कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) रीटेल महंगाई कम होकर 2.18 फीसदी पर रही। जबकि अप्रैल के दौरान रीटेल महंगाई 2.99 फीसदी के स्तर पर थी। सरकार के लिए यह राहत की खबर है कि सभी की अपेक्षा जून महंगाई का ग्राफ गिरा है। सीएसओ की रिपोर्ट की माने तो जून में 1.54 फीसदी रही रिटेल महंगाई। इससे पहले मई में केन्द्र सरकार को महंगाई आंकड़ों से बड़ी राहत मिली थी, जब अप्रैल में महंगाई के आंकड़े 2.99 फीसदी से लुढ़ककर 2.18 फीसदी पर पहुंच गए थे।

वहीँ जून में महंगाई दर कम होने से सरकार को यह भी लाभ हो सकता है कि देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू किया गया है, अगले माह होने वाले बदलाओं पर भी नजर रहेगी। जून में केन्द्र सरकार को महंगाई के मोर्चे पर लगातार दूसरे महीने (मई में 0.81 कम हुई थी) राहत मिली है। अब जुलाई के आकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकेगा कि जीएसटी आने के बाद महंगाई में क्या उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

जून में सब्जी और दाल जैसी खाने-पीने की वस्तुएं, कपड़ा, आवास, ईंधन और बिजली की दरें सस्ती रहीं, लेकिन फलों पर महंगाई दिखायी दी। वहीँ अब जीएसटी लागू होने के बाद इस पर नजर रखी जा रही, साथ ही सरकार को उम्मीद है कि नतीजे सामन्य ही रहेंगे, लेकी इसका दूरगामी परिणाम बेहतर होगा।    

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