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बदल गया है डिमांड ड्राफ्ट बनवाने का नियम, जान लीजिये नहीं तो होगी बड़ी मुश्किल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के लिए बड़े से बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डिमांड ड्राफ्ट बनवाने का नियम बदल दिया है।

दरअसल कालेधन के खिलाफ कथित लड़ाई लड़ने वाली बीजेपी की केंद्र सरकार लगातार काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने के लिए लगी हुई है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से गुरुवार को एक और जानकारी सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने आज बड़ा फैसला लेते हुए डिमांड ड्राफ्ट बनवाने के लिए नया नियम लागू कर दिया है।

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बैंक द्वारा जारी किये गये नये रूल्स के अनुसार अब किसी भी व्यक्ति, संस्थान के लिए डिमांड ड्राफ्ट बनवाने पर डिमांड ड्राफ्ट बनवाने वाले का भी नाम लिखा जाएगा। इससे पहले सिर्फ डिमांड ड्राफ्ट पर सिर्फ उसी का नाम लिखना होता था जिसके लिए आपने डिमांड ड्राफ्ट बनवाया है। लेकिन अब इसके लिए रिजर्व बैंक ने नया निर्देश जारी कर दिया है।

यह आदेश 15 सितंबर 2018 के बाद से लागू हो जाएगा। जिसके बाद डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर और बैंकर्स चेक पर भेजने और पाने वाले दोनों के नाम और डिटेल की जानकारी देने होगी। दरअसल काले धन पर लगाम लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों पर सरकार के लाख प्रयास के बाद भी इस तरीके से कालाधन इधर से उधर भेजे जाने का शक था, जोकि बेनाम होता है। ऐसे में काले धन पर लगाम लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए देश के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने यह बड़ा कदम उठाया है। साथ ही सभी बैंकों को इस बारे में आदेश भी दे दिया गया है।

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