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फेस्टिवल महोत्सव शुरू होने से पहले ही रेलवे का जोरदार झटका, अब नहीं मिलेगी ये सुविधा

नोएडा : फेस्टिवल महोत्सव शुरू होने से पहले ही रेलवे अपने कंज्यूमरों को एक ऐसा जोरदार झटका देने जा रहा है जो आम लोगों के पॉकेट पर काफी भारी पड़ेगा। महंगाई के इस दौर में दैनिक सामान की वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही है लेकिन जिस अनुकूल महंगाई बढ़ रहा है, उसके अनुकूल वेतन नहीं। जिससे आमलोगों का जीवन मुहाल हो गया है। लेकिन किया भी क्या जा सकता है, नेताओं के तनख्वाह तो दिन प्रतिदिन बढ़ सकते है मगर आम जनताओं का नहीं।

दरअसल रेलवे 3 अगस्त से अपने ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा को महंगा करने जा रहे है, जिससे आपको अब पहले से ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। सूत्रों की माने तो ई-टिकटों पर सर्विस चार्ज लगाने के प्रस्ताव पर फाइनेंस मिनिस्ट्री ने अपनी मुहर लगा दी है। जिससे अब यह साफ हो गया कि अब ई-टिकट बुकिंग के लिए आपको अधिक पैसे देने पड़ेंगे। जानकारों की माने तो नवंबर 2016 में वित्त मंत्रालय ने रेल मंत्रालय को सर्विस चार्ज न वसूलने की सलाह दी थी। वित्त मंत्रालय ने कहा था, संचालन का खर्च उसके द्वारा भुगतान किया जाएगा। लेकिन अब पिछले महीने के ही 19 तारीख को वित्त मंत्रालय ने एक बार फिर रेलवे को खत लिखा। जिसमें कहा गया कि ई-टिकटिंग सिस्टम की संचालन लागत पूरा करने की व्यवस्था अस्थाई थी।

गौरतलब है कि 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे ने ई-टिकटों पर सर्विस चार्ज खत्म कर दिया था। रेलवे का कहना था कि ई-टिकट के जरिये वसूले गए अतिरिक्त शुल्क की रकम को ई-टिकटिंग सिस्टम पर खर्च किया जाता था। रेलवे नवंबर 2016 तक स्लीपर टिकट पर 20 रुपये और AC टिकट पर 40 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेता था। अतिरिक्त शुल्क खत्म करने से IRCTC की कमाई पर असर पड़ा था। जिसके बाद रेलवे ने वित्त मंत्रालय को 88 करोड़ रुपये IRCTC को भुगतान करने लिए कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सर्विस चार्ज को फिर से लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रैफिक कर्मशियल (जनरल) बीएस किरन ने एक चिट्ठी लिखी है। इस पर वित्त मंत्रालय से इजाजत मिल चुकी है। हालांकि इस मामले में अभी IRCTC के डायरेक्टर्स चर्चा करेंगे और तभी सर्विस चार्ज की रेट तय की जाएगी।

अगर फिर से ऑनलाइन टिकट पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो फिर डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक बड़ा झटका माना जाएगा। क्योंकि एक बार फिर अतिरिक्त शुल्क से यात्रियों की भीड़ रेलवे काउंटर पर बढ़ेगी। सर्विस चार्ज से बचने के लिए यात्री ऑनलाइन टिकट से परहेज करेंगे।

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