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निर्मला सीतारमण ने पेश किया इकोनॉमी सर्वे, ऐसी दिखाई भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर

नई दिल्ली : निर्मला सीतारमण ने गुरूवार को राज्यसभा और लोकसभा में देश के इकोनॉमी सर्वे का रिपोर्ट पेश कर दिया है, जिसमें उन्होंने देश के उस स्वर्णिम तस्वीर को पेश किया, जिसकी उम्मीदें आम जनता कर रही है। आपको बता दें कि कल यानी शुक्रवार को संसद में बजट पेश होने है, जिसके पहले इकोनॉमी सर्वे पेश किये जाते है। यह सर्वे उस बजट का संक्षिप्त प्रारूप होता है।

आखिर क्या है इस सर्वे में खास

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी बात ये है कि विकास दर महज़ 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

अर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि साल 2019-20 में कच्चे तेल के मूल्यों में कटौती हो सकती है।

2018-19 में राजकोषीय घाटा बढ़कर 3.4 फिसदी पर पहुंच जाने का अनुमान है। बता दें कि अंतरिम बजट में भी राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

सर्वेक्षण में निर्यात के विकास दर के कमजोर रहने की संभावना जाहिर की गई है।

वित्तीय घाटा 5.8 प्रतिशत बताया गया है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार निवेश दर में वृद्दि का अनुमान है। साल 2011-12 से निवेश दर में कमी देखी जा रही है, 2019-20 में इसमें इजाफे की उम्मीद जताई गई है।

सर्वे के मुताबिक,  2019-2020 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत तक रह सकती है। इसमें आगामी वित्त वर्ष के लिए नीतिगत फैसलों के संकेत भी मिले हैं।

आर्थ‍िक सर्वे में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2018-19 में वित्तीय घाटे में कमी आई है और यह जीडीपी के सिर्फ 5.8 फीसदी रहा, जबकि पिछले साल यह 6.4 प्रतिशत था। आर्थिक सर्वे के अनुसार अगर भारत को 2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है तो लगातार जीडीपी में 8 फीसदी की ग्रोथ हासिल करनी होगी।

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