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2000 रुपये के नोटों पर सरकार की सफाई

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने साल 2016 में नोटबंदी लागू करते हुए एक हाजर और पांच सौ रुपये के नोटों को बैन कर इनके स्थान पर पहली बार दो हजार रुपये का नोट जारी कि था। जिसके बाद हाल ही में खबर आई की आरबीआई ने 2000 रुपये की नोटों की छपाई कम रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं कि बाजार में 2000 रुपये के नोट प्रायाप्त मात्रा में मौजूद हैं। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के अनुसार, अनुमानित जरूरत के हिसाब से नोटों की छपाई की जाती है। हाल कि दिनों में ऐसा कोई नया फैसला नहीं किया गया है।

उन्होंने बताया कि, फिलहाल जितने नोट चलन में हैं उनके मूल्य का 35 प्रतिशत हिस्सा 2000 रुपये के नोटो की है। आरबीआई की डेटा के अनुसार मार्च 2017 के अंत तक कुल 328.5 करोड़ रुपये 2000 रुपये के नोटों के रूप में सर्कुलेशन में थी जबकि 31 मार्च  2018 336.3 करोड़ हुई और मार्च 2018 के अंत तक कुल 18,037 अरब रुपये सर्कुलेशन में है, जो कुल मूल्य का 37.3 प्रतिशत हिस्सा है।

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