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700 करोड़ के घोटाले में 24 साल बाद 6 आरोपी दोषी करार !

मुंबई: देश के चर्चित शेयर घोटाले मामले में मुंबई की विशेष अदालत ने 24 साल बाद फैसला सुनाया है। हर्षद मेहता शेयर घोटाला मामले में अदालत ने हर्षद के भाई सुधीर मेहता के साथ 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है।

गौर हो कि 700 करोड़ रुपये के इस घोटाले में वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के सथ स्टॉक ब्रोकरों के भी हाथ थे। हालांकि घोटाले के मुख्य आरोपी हर्षद मेहता थे, जिनकी 2002 में मौत हो गई और फिर इनके खिलाफ केस बंद कर दिया।

बताया जाता है कि हर्षद मेहता ने बैंकिंग नियमों का फायदा उठाते हुए बैंकों को बिना बताए करोड़ों रुपयों के शेयर मार्केट में लगा दिया। इसी मामले में हर्षद मेहता की मौत के बाद इनके भाई समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।

खबरों के अनुसार मामले में आरोपियों ने अदालत के सामने अपनी मानसिक और शारीरिक समस्याओं काहवाला देते हुए माफ करने की अपील की थी लेकिन आरोपियों के इस अपील को अदालत ने खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा कि मामला 24 साल पुरान है, इस दौरान आरोपियों को मानसिक और शारीरिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ा है, लेकिन इस अपराध के कारण देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लगा था, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

आपको बता दें कि नेशनल बैंक से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये गवन करने के मामले में अदालत ने हर्षद मेहता के भाई सुधीर और दीपक मेहता के साथ नेशनल हाउसिंग बैंक के अधिकारी सी. रविकुमार, सुरेश बाबू और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी आर. सीतारमन के अलाव स्टॉक ब्रोकर अतुल पारेख को दोषी करार दिया है।

अदालत ने इस सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक कानून के अलाव जालसाजी,धोखाधड़ी, से जुड़ी धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 11.95 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि मामले में अदालत ने तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है।