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14 दिन के न्यायिक हिरासत पर भेजे गए चिदंबरम, कोर्ट ने कहा अगला कदम होना चाहिए

नई दिल्ली : INX मीडिया मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पी चिदंबरम को 14 दिन के न्यायिक हिरासत पर तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया है। हालांकि इस सुनवाई के दौरान सिब्बल ने अदालत में कहा कि सीबीआई को बताना होगा कि पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजना क्यों जरूरी है?

कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि आज तक एविडेंस के साथ छेड़छाड़ का कोई आरोप नहीं लगा है। आरोपी के खिलाफ डॉक्यूमेंट का ये पूरा मामला है। ऐसे में आरोपी को जमानत दे दी जाए।  वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से जुड़ा है। कोर्ट ही बेल याचिका पर फैसला करेगी। अगला कदम भी उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का ही होना चाहिए। जिसका सिब्बल ने विरोध करते हुए कहा कि जब तक बेल याचिका पर सुनवाई नहीं होती, बहस गैरजरूरी है। न्यायिक हिरासत के लिए रिमांड के लिए न्याय होना चहिए। रिमांड का ऑर्डर तथ्यों के आधार पर ही दिया जाना चाहिए। कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी याचिका पर ठीक तरीके से सीबीआई की याचिका पर गौर फरमाया जाए।

वहीं सुनवाई के दौरान चिदंबरम ने कहा कि क्या कोई ऐसा साक्ष्य है जब मैंने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। क्या मैंने किन्हीं भी दस्तावेजों को प्रभावित करने की कोशिश की? मैंने कभी साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश नहीं की। सभी साक्ष्य दस्तावेज के रूप में हैं। मैं किसी के साथ क्या छेड़छाड़ कर सकता हूं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग ममाले की गंभीरता समझते हुए पहले ही आदेश पारित किया है। जब तक जमानत के लिए याचिका बढ़ाई नहीं जाती, बहस का सवाल ही नहीं उठता।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मैंने जांच के विवरण दिए हैं। बैंकों के सभी विवरण लिए गए हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि वे पूरे देश को प्रभावित कर देंगे, लिबरलाइज्ड रैमिटेन्स स्कीम (एलआरएस) बैंकों को जारी कर दिए गए हैं। वे बैंकों को प्रभावित कर सकते हैं।

बता दें कि कोर्ट द्वारा पी. चिदंबरम को 5 सितंबर तक सीबीआई हिरासत में भेजा गया था, जो आज खत्म हो रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट से भी इसी मामले में पी. चिदंबरम को अंतरिम जमानत नहीं मिली थी, जिसके बाद ईडी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था। इस गिरफ्तारी के साथ ही कोर्ट ने ईडी को हिरासत में पूछताछ करने के भी इजाजत दे दी है।

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