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बैंक को मिलेंगे 46 हजार करोड़, सरकार करेगी नीरव मोदी के घोटाले की भरपाई?

नई दिल्ली: भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देश के सार्वजनिक क्षेत्रों के कई बैंकों को 46 हजार करोड़ से भी ज्यादा की रकम देने निर्णय लिया है। यह रकम इक्विटी कैपिटल (शेयर पूंजी) एक रूप में होगी। यह रकम तब बैंकों को दी जा रही है। जब पीएनबी का बड़े पैमाने पर फ्रॉड देश के सामने छाया हुआ है।

बतादें कि भारत सरकार ने देश के सार्वजिक क्षेत्रों के कई बैंकों को शेयर पूंजी देने का फैसला लिया है। खबरों के अनुसार सरकार सी महीने के अंत तक भारत के करीब दर्जनभर बैंकों को शेयर पूंजी देने वाली है। यह शेयर पूंजी करेब 46 हजार करोड़ के ऊपर की बताई जा रही है। देश के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों जैसे कि भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, विजया बैंक सहित देश के करीब दर्जनभर बैंकों को शेयर देने का फैसला लिया है। इसको लेकर सभी बैंकों ने अपने शेयर होल्डर की बैठके भी बुलाई हैं। माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक सरकार कि कार्रवाई को अंजाम दे सकती है।

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वहीँ सरकार की ओर से मिलने वाली शेयर रकम में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को सबसे ज्यादा 8,800 रुपये के शेयर मिलने की संभावना है। वहीँ उसके बाद पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) सहित बाकी के अन्य बैंक हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि सरकार, भारतीय स्टेट बैंक को जहां 8,800 करोड़,  बैंक ऑफ बड़ोदा को 5,375 करोड़,  सेंट्रल बैंक को 4,835 करोड़,  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 4,524 करोड़ और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स को 3,571 करोड़ रुपये के शेयर देगी।

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इन बैंकों के अलावा भी कई अन्य बैंक इस लिस्ट में शामिल हैं। सरकार द्वारा बैंकों को शेयर पूंजी देने का फैसला ऐसे समय में आया है जब पीएनबी का बड़ा फ्रॉड खुला हुआ है। नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पीएनबी के साख पत्र से देश की कई बैंकों से 12,600 करोड़ से ज्यादा का पैसा लेकर फरार हो चुका है। जिसमें सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर संपत्ति जब्त कर रहे हैं। वहीँ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पीएनबी का यह फ्रॉड 12,600 करोड़ से बढ़कर  29 हजार करोड़ हो गया है। ऐसे में क्या यह माना जाना चाहिए कि नीरव मोदी और महूक चोकसी द्वारा लूटे गये पैसे की भरपाई सरकार कर रही है?  

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